Panipat Panchayat News: निजी बैंकों में 225 करोड़ FD मामले में ट्विस्ट, बाल जाटान और खंडरा सरपंचों का निलंबन रद्द

हरियाणा के पानीपत जिले के बाल जाटान और खंडरा ग्राम पंचायतों के सरपंचों को करनाल मंडलायुक्त की ओर से बड़ी प्रशासनिक राहत मिली है।
मंडलायुक्त ने दोनों गांवों के सरपंचों के निलंबन आदेशों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, जिससे अब दोनों जनप्रतिनिधि पूर्व की भांति अपने पद पर बने रहकर कार्य कर सकेंगे।
कुछ दिन पहले पानीपत के उपायुक्त (DC) डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मतलौडा खंड के गांव बाल जाटान के सरपंच सुरेंद्र राठी और खंडरा गांव की महिला सरपंच सोनिया देवी को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए थे।
🏦 निजी बैंकों में 225 करोड़ रुपये की FD कराने का था आरोप: नियमों के उल्लंघन पर हुई थी कार्रवाई
प्रशासनिक जांच और आरोपों का विवरण:
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सरकारी कोष के उपयोग पर सवाल: जिला प्रशासन की जांच में पाया गया था कि ग्राम पंचायतों के सरकारी कोष का इस्तेमाल नियमों के विरुद्ध किया गया।
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निजी बैंकों में एफडी: सरकारी बैंकों में धनराशि रखने के बजाय निजी बैंकों में 225 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई गई थी।
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उपायुक्त का कड़ा एक्शन: नियमों को दरकिनार करने के गंभीर आरोपों को आधार बनाते हुए उपायुक्त कार्यालय द्वारा दोनों सरपंचों को पद से निलंबित कर दिया गया था।
🏛️ मंडलायुक्त हेमा शर्मा ने की अपील पर सुनवाई: निलंबन पर रोक के साथ पदों पर बहाली
उच्च स्तर पर अपील और अंतिम राहत:
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मंडलायुक्त के समक्ष अपील: उपायुक्त की निलंबन कार्रवाई के खिलाफ दोनों सरपंचों ने करनाल मंडलायुक्त के समक्ष विधिवत प्रशासनिक अपील दायर की थी।
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आदेशों पर रोक: पूरे मामले के तथ्यों और तर्कों की समीक्षा करते हुए करनाल मंडलायुक्त हेमा शर्मा ने दोनों सरपंचों के निलंबन आदेशों पर रोक लगा दी।
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पूर्ववत कामकाज बहाल: इस फैसले के बाद दोनों सरपंचों की औपचारिक बहाली का मार्ग प्रशस्त हो गया है और वे पहले की तरह अपने-अपने गांवों में प्रशासनिक व विकास कार्य सुचारू रूप से जारी रख सकेंगे।





