Pakur Murder Case: झारखंड के पाकुड़ में करोड़ों की संपत्ति के लिए खौफनाक साजिश, सरकारी कर्मचारी के जीजा की हत्या कर खदान में फेंका शव

झारखंड के पाकुड़ जिले में करोड़ों रुपये की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के लालच में हत्या की एक बेहद सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश हुआ है। यहाँ मालीपाड़ा स्थित एक बंद पत्थर खदान से बरामद एक शख्स के शव के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की मुख्य नजर एक सरकारी कर्मचारी की अकूत संपत्ति पर थी। इस संपत्ति के कानूनी वारिस बनने की राह में मृतक मंटू दास सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ था, जिसके चलते उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को उसकी मोटरसाइकिल के साथ खदान में फेंक दिया गया ताकि पूरी घटना एक सड़क हादसा लगे।
पाकुड़ के एसपी अनुदीप सिंह ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 13 अक्टूबर को नगर थाना क्षेत्र के मालीपाड़ा स्थित एक बंद खदान से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक की पहचान सुनिश्चित करने और हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया था।
💰 करोड़ों की संपत्ति पर थी नजर और ऐसे रची गई साजिश
पुलिस की जाँच में सामने आया कि मृतक मंटू दास मूल रूप से दुमका जिले के रहने वाले थे और वर्तमान में पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र में ही रह रहे थे।
-
मास्टरमाइंड और संपत्ति का कनेक्शन: इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड मृतक का मकान मालिक आलोक मुर्मू निकला। मृतक मंटू दास के साले साबिर सोरेन पशुपालन विभाग में एक सरकारी कर्मचारी हैं और उनके पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है। चूँकि साबिर का कोई वारिस नहीं था और मंटू दास ही उनकी देखरेख करता था, इसलिए आलोक मुर्मू की बुरी नजर उस संपत्ति पर टिक गई।
-
रास्ते से हटाने का प्लान: आरोपी आलोक अच्छी तरह जानता था कि मंटू दास के जीवित रहते वह उस संपत्ति पर कभी कब्जा नहीं जमा सकता। इसलिए उसने मंटू को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खौफनाक योजना बनाई ताकि बाद में अकेले साबिर का विश्वास जीतकर उसकी संपत्ति पर अधिकार जमाया जा सके।
🪓 दोस्ती का नाटक कर पिलाई शराब, फिर कुल्हाड़ी और हथौड़े से उतारा मौत के घाट
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बड़ी चालाकी से पहले मंटू दास के साथ गहरी दोस्ती का नाटक किया। इसके बाद खाने-पीने के बहाने उसे शराब पिलाई गई। जब वह पूरी तरह नशे की हालत में सुधबुध खो बैठा, तब कुल्हाड़ी और लोहे के भारी हथौड़े से सिर व शरीर पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।
-
हादसे का रूप देने की कोशिश: हत्या को अंजाम देने के बाद साक्ष्य छिपाने के इरादे से आरोपियों ने शव को रस्सी से कसकर उसकी अपनी पल्सर मोटरसाइकिल के साथ बाँध दिया और मालीपाड़ा की गहरी बंद पत्थर खदान में नीचे धकेल दिया। उनकी योजना यह थी कि पुलिस और परिजनों को लगे कि यह कोई सड़क दुर्घटना है और किसी को भी हत्या का शक न हो।
-
गिरफ्तारी और बरामदगी: एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आलोक मुर्मू सहित प्रीतम हेम्ब्रम और प्रिंस हेम्ब्रम को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनकी निशानदेही पर खदान के पानी से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, हथौड़ा, मृतक की पल्सर बाइक, खून से सने कपड़े, रस्सी और अन्य सामान बरामद कर लिया गया है। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
