ब्रेकिंग
Supreme Court on Air Ticket Price Hike: हवाई किराये में 700% बढ़ोतरी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पण... Tej Pratap Yadav Security Increase Demand: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने क... ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ’ मार्च के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का तेलंगाना से कांग्रेस को ... गुजरात में सख्त शराबबंदी के नियमों को धत्ता बताते हुए राजकोट के एक होटल में आयोजित हुई हाई-प्रोफाइल ... पैनिक अटैक: बिना किसी वास्तविक खतरे के अचानक शरीर में क्यों उत्पन्न होने लगती है घबराहट और बेचैनी? Dewas TI Dilip Puri Murder Case: शहीद टीआई दिलीप पुरी के परिवार को 1 करोड़ की सहायता और पत्नी को एसआ... Dilip Puri Funeral Barmandal Dhar: शहीद टीआई दिलीप पुरी का पैतृक गांव बरमंडल में राजकीय सम्मान के सा... Ayodhya Ram Mandir Donation Case Supreme Court: राम मंदिर दान चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फ... Dilip Puri Murder Case Dewas: अवैध शराब पकड़ने गए टीआई दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर हत्या, सिविल ड्र... PDP Foundation Day Srinagar 2026: श्रीनगर में पीडीपी के कार्यकर्ता सम्मेलन में महबूबा मुफ्ती का केंद...
पंजाब

Ludhiana Advocate Threatened Online: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कमेंट्स और फोन पर धमकी देने वालों पर लुधियाना में एफआईआर दर्ज

लुधियाना: पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आपत्तिजनक और धमकी भरे कमेंट्स करने तथा फोन कॉल्स के जरिए लगातार डराने-धमकाने का सिलसिला चल रहा है। पीड़ित एडवोकेट द्वारा दी गई औपचारिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब साइबर सेल की तकनीकी सहायता से उन तमाम सोशल मीडिया प्रोफाइल्स और संदेहास्पद मोबाइल नंबरों की कुंडली खंगालने में जुटी है, जिनके जरिए पीड़ित को लगातार धमकियां दी जा रही थीं।

शिकायतकर्ता अरुण खुरमी को मिल रही थीं लगातार धमकियां, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का लगाया गया आरोप

पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत में एडवोकेट अरुण खुरमी ने विस्तार से बताया कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पिछले कुछ समय से उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोपियों की तरफ से उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर खुलेआम धमकीभरे और आपत्तिजनक कमेंट्स पोस्ट किए जा रहे थे। बात सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि विभिन्न अज्ञात नंबरों से लगातार फोन कॉल्स करके पीड़ित को डराया-धमकाया जा रहा था और उनका माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही थी। शुरुआती जांच-पड़ताल के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि किसी दुर्भावना से ग्रस्त गिरोह या शरारती तत्वों द्वारा सोची-समझी साजिश के तहत पीड़ित को निशाना बनाया जा रहा है। मामले में आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय कानून की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और आगे की तहकीकात जारी है।

Related Articles

Back to top button