ब्रेकिंग
भारत-बांग्लादेश सीमा पर सेना की बड़ी तैयारी, सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा हुई अभेद्य Delhi High Court News: नेहा बोरा के पीस बॉन्ड पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित; पुलिस ने गिनाईं 6 FIR पटना कंज्यूमर कोर्ट का फैसला: बिना नोटिस बाइक जब्त करना फाइनेंसर को पड़ा भारी Gurugram Power Cut: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से गुरुग्राम में ब्लैकआउट, पानी-बिजली संकट Kashmir News: कश्मीर में अब खुलकर काम करेगा भारतीय मजदूर संघ, बारसू गांव में खुला नया ऑफिस West Delhi News: मरीजों को तुरंत मिलेगी मदद, दिल्ली सरकार ने तैनात कीं 14 CATS एंबुलेंस Tiger Shroff Firing Case: पुलिस का बड़ा दावा, अनिल पंडित के इशारे पर हुई थी फायरिंग Alirajpur News: रावण दहन की अनुमति नहीं मिली तो लोगों ने निकाली रावण की अर्थी Yamuna Pollution Delhi: यमुना की सफाई पर सियासत, 43 परियोजनाओं से क्या बदलेगी तस्वीर? Chandauli News: धीना-जमानियां मार्ग पर सड़क किनारे मिले दो अज्ञात शव, जांच में जुटी पुलिस
देश

Big Conspiracy : CAA के बाद PFI की हाथरस में दंगे फैलाने की साजिश, बेहद सक्रिय एजेंट सहित चार गिरफ्तार

लखनऊ। हाथरस के बूलगढ़ी गांव में मृत दलित बालिका को न्याय दिलाने के लिए एकत्र हो रहे विपक्षी दल के नेताओं के बीच पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) भी अपनी चाल चल रहा था।

सीएम योगी आदित्यनाथ की पैनी निगाहों ने हाथरस के दिनों-दिन बिगड़ रहे माहौल को ताड़ लिया था और खुफिया तंत्र को सक्रिय किया। इसी कारण हाथरस को दंगों की आग में झोंकने की बड़ी साजिश भी सामने आ गई। इस मामले में पीएफआइ के एजेंट सहित चार को गिरफ्तार किया गया है। पीएफआइ का बेहद सक्रिय एजेंट अतीकुर्रहमान बूलगढ़ी गांव में पत्रकार के रूप में अपने काम को अंजाम देने में लगा था।

हाथरस के बूलगढ़ी गांव के बहाने उत्तर प्रदेश में बड़ी हिंसा की योजना की साजिश का खुलासा हो गया है। यहां पर पीएफआइ के बेहद सक्रिय एजेंट अतीकुर्रहमान ने बड़ी हिंसा की साजिश रची थी। हाथरस के बहाने की इनकी योजना उत्तर प्रदेश में बड़ी हिंसा फैलाने की थी। इन चारों के कब्जे से मोबाइल, लैपटॉप एवं संदिग्ध साहित्य (शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला) मिला। पूछताछ करने पर पता चला कि इनका संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) एवं उसके सहसंगठन कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) से है। पुलिस को यह सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति दिल्ली से हाथरस की तरफ जा रहे हैं।

इस सूचना के आधार पर टोल प्लाजा मांट पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी बीच स्विफ्ट डिजायर नंबर- डीएल 01जेडसी 1203 आई जिसमें चार लोग सवार थे। इनकी गतिविधियां संदिग्ध लगी और इन्हेंं रोका गया। चारों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इन्होंने अपना नाम अतीक उर रहमान, पुत्र-रौनक अली, निवासी-नगला थाना रतनपुरी, मुजफ्फरनगर, सिद्दीकी पुत्र-मोहम्मद चैरूर, निवासी बेंगारा थाना मल्लपुरम, मसूद अहमद, निवासी-जरवल थाना व कस्बा जरूर रोड जनपद बहराइच  और आलम, पुत्र-लाइक पहलवान, निवासी-घेर फतेह खान थाना कोतवाली जनपद रामपुर बताया। थाना मांट जनपद मथुरा में इन चारों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।

पीएफआई एजेंट केरल का अतीकुर्रहमान पत्रकार बन कर हाथरस की आग देश में भड़काने में लगा था। अतीक ने फंड रेजिंग की कमान संभाली थी। यह अतीकुर्रहमान दंगों के लिए फंड एकत्र करता है। इसका दिल्ली के शाहीन बाग के साथ ही लखनऊ व अलीगढ़ में सीएए के विरोध में फैली हिंसा में भी कनेक्शन सामने आया है। अतीकुर्रहमान ने युवाओं को बरगलाने के लिए कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया का भी गठन करवाया है, जिसका यह का कोषाध्यक्ष भी है।

उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि दिल्ली से हाथरस जा रहे चार युवक सोमवार को मथुरा से पकड़े गए हैं। इन लोगों के संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई ) से मिले हैं। पुलिस इनकी सक्रियता भी जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने हाथरस कांड के पीछे जातीय हिंसा की साजिश होने का खुलासा किया है। इसमें पीएफआई का नाम सामने आ रहा है। इसके चलते प्रदेश भर में पुलिस अलर्ट है। मथुरा जिले में भी अस्थिरता फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। यमुना एक्सप्रेसवे के मांट टोल पर और राया में भी हर व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है और संदिग्धों का शांतिभंग में चालान किया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button