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हरियाणा-पंजाब में जलने लगी पराली, दिल्ली में बढ़ा धुआं; अगले सप्ताह बिगड़ सकते हैं हालात

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सर्दी की दस्तक से पहले ही पराली का धुआं पहुंचने लगा है। गनीमत है कि हवा की रफ्तार ठीक होने के कारण अभी अधिक दिक्कत नहीं हो रही है, लेकिन अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में स्थिति बिगड़ने की आशंका है। हरियाणा व पंजाब में पराली जलाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए हरियाणा की मुख्य सचिव ने बुधवार को सभी जिला उपायुक्तों की बैठक बुलाई है।

वहीं, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने भी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू करने की तैयारियों को लेकर दिल्ली, हरियाणा, उप्र व राजस्थान के संबंधित अधिकारियों की गुरुवार को बैठक बुलाई है। पंजाब की मुख्य सचिव विनी महाजन ने ईपीसीए अध्यक्ष भूरेलाल को पत्र लिखा कि किसानों को पराली के उपयोग के लिए काफी कम दरों पर मशीनरी दी जा रही है। बता दें कि छह माह से दिल्ली-एनसीआर का एयर इंडेक्स 100 से नीचे चल रहा था। इस श्रेणी की हवा को अच्छी या संतोषजनक कहा जाता है

वहीं, कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर के शहरों का एयर इंडेक्स 175 से 200 के बीच चल रहा है। इस श्रेणी की हवा को मध्यम माना जाता है। वायु गुणवत्ता, मौसम पूर्वानुमान अनुसंधान प्रणाली (सफर इंडिया) के मुताबिक, एक सितंबर से एक अक्टूबर के दौरान हरियाणा-पंजाब में 2019 के मुकाबले पराली जलाने के मामले बढ़े हैं। हरियाणा में यह वृद्धि तीन तो पंजाब में नौ फीसद है। इस माह के दूसरे हफ्ते से हवा सुस्त होने से एयर इंडेक्स भी बढ़ेगा।

एस. नारायणन (सदस्य सचिव, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) का कहना है कि पराली जलाने के मामले बढ़ रहे हैं। हरियाणा में 451 मामले पकड़े जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने बुधवार को सभी जिला उपायुक्तों के साथ बैठक रखी है।

भूरेलाल (अध्यक्ष, ईपीसीए) का कहना है कि पराली का धुआं दिल्ली-एनसीआर का रुख करने लगा है। हमने ग्रेप लागू करने को लेकर गुरुवार को बैठक बुलाई है। जरूरत के मुताबिक और सख्त निर्णय लिए जा सकते हैं।

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