ब्रेकिंग
Kokrajhar Medical College Update: हॉस्टल का खाना खाने से बिगड़ी 60 छात्राओं की तबीयत, अस्पताल में चल... Varanasi Visitor Statistics: वाराणसी में लगातार बढ़ रहा देश-विदेश के पर्यटकों का आंकड़ा, स्थानीय अर्... Ravi Kishan and Councillor Viral Audio: जल निकासी की समस्या को लेकर सांसद रवि किशन पर भड़के पार्षद, ... Munger Mirzachouki Greenfield Highway: निर्माणाधीन फोरलेन सड़क पर फिर दिखी 50 मीटर लंबी दरार, स्थानी... Bijnor Police Investigation: हरिद्वार घुमाने ले गया और फिर दुपट्टे से घोंट दिया गला, बिजनौर में महिल... Motihari Crime and Police News: शराब पीने के आरोप में पकड़े गए युवक को लाठी से पीटने का वीडियो आया स... LDA Action in Lucknow: सड़क की मरम्मत करने की बजाय चादर और पॉलीथिन से ढंका गया गड्ढा, एलडीए की कार्य... West Bengal News: टीएमसी नेता कुणाल घोष पर 18 घंटे में दूसरी बार हमला, अभिषेक बनर्जी ने राज्यपाल से ... Rajasthan News: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) चुनाव में सियासी घमासान, अध्यक्ष पद पर आमने-सामने दो... MP Political News: वरिष्ठ नेता तरुण कुमार गोले को मिली बड़ी जिम्मेदारी, मध्य प्रदेश के लिए FCI सलाहक...
देश

पारदर्शिता और टैक्स स्थायित्व रहे हैं इस बार पेश किए गए बजट के मार्गदर्शक : निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पारदर्शिता और टैक्स स्थायित्व इस बार पेश किए गए बजट के मार्गदर्शक रहे हैं। उद्योग संगठन सीआइआइ को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि लोगों की आशंकाओं के विपरीत सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया, बल्कि कोरोना संकट से पार पाने के लिए उधारी बढ़ाई है। वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक, सरकार इकोनॉमी को गति देने में पूंजीगत खर्च बढ़ाने के साथ-साथ निजी क्षेत्र के योगदान को भी बेहद महत्वपूर्ण मानती है।

वित्त मंत्री ने कहा कि देश में इन्फ्रास्ट्रक्टर ग्रोथ को गति देने के लिए इस बार के बजट में घोषित विकास वित्त संस्थान (डीएफआइ) के जरिये 111 करोड़ रुपये का फंड इकट्ठा किया जाएगा। शुरुआत में सरकार इसमें 20,000 करोड़ रुपये लगाएगी। इसमें फिर निजी क्षेत्र को शामिल किया जाएगा।

इसकी मदद से सरकार महत्वाकांक्षी नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआइपी) में पूंजी का प्रवाह करेगी। इस रास्ते देश में बिजली, सड़क, बंदरगाह व हवाई अड्डों के निर्माण को नई गति मिलेगी। इसके बदौलत भारत 2025 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की इकोनॉमी बन पाएगा।

हालांकि, एक फरवरी को पेश किये गए वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई उत्पादों पर सेस लगाने की घोषणा की। बजट में डीजल-पेट्रोल, शराब सहित कई वस्तुओं पर कृषि सेस लगाने का फैसला किया है। पेट्रोल पर ढाई रुपये प्रति लीटर और डीजल पर चार रुपये प्रति लीटर कृषि सेस लगाने का निर्णय लिया गया है।

हालांकि, पेट्रोल-डीजल पर लगे सेस का उपभोक्‍ताओं पर अतिरिक्‍त बोझ नहीं पड़ेगा। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि सेस (Imposition of Agriculture Infrastructure and Development Cess) को बढ़ाने के साथ ही पेट्रोल-डीजल पर बेसिक एक्‍साइज ड्यूटी और एडिशनल एक्‍साइज ड्यूटी के रेट को कम कर दिया गया है। इसके कारण उपभोक्‍ता पर समग्र रूप से कृषि सेस का कोई अतिरिक्‍त भार नहीं पड़ेगा।

Related Articles

Back to top button