ब्रेकिंग
पंजाब में राहत कार्य जोरो पर: पिछले 24 घंटों में 4711 बाढ़ पीड़ित सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाए गए पंजाब में आपदा के बीच सेवा की मिसाल: आम आदमी पार्टी यूथ और महिला विंग बाढ़ राहत में सबसे आगे, मुश्कि... कृषि मंत्री ने मुख्य कृषि अफ़सरों के साथ वीडियो कान्फ़्रेंस के द्वारा बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति का ... जीएसटी दर तार्किकरण के तहत राज्यों की वित्तीय स्थिरता के लिए मजबूत मुआवजा ढांचा तैयार किया जाए – हरप... मुख्यमंत्री की ओर से पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए उच्... बाढ़ के बीच ‘आप’ विधायक ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप आदर-सम्मान से सुरक्षित पहुंचाया, सीएम,... दरभंगा में PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार, कांग्रेस से है जुड़ा देश के लिए सिर कटा देंगे, लेकिन सत्ता के लिए समझौता नहीं करेंगे- केजरीवाल ने साधा बीजेपी पर निशाना PM मोदी पर टिप्पणी कांग्रेस-RJD की निंदनीय हरकत, राहुल गांधी माफी मांगे- भजनलाल शर्मा जम्मू में कुदरत का त्राहिमाम: बारिश से मची तबाही में 45 की मौत, उजड़े सैकड़ों आशियाने… स्कूल-कॉलेज ब...
देश

घर में ही गंगाजल से पवित्र स्नान करें, मिलेगा पुण्य

रायपुर।  हिंदू नव संवत्सर के एक दिन पहले 12 अप्रैल सोमवार को शुभदायी एवं पवित्र मानी जाने वाली सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। इस दिन पापों के निवारण और पुण्य फल की प्राप्ति के लिए गंगा, जमुना समेत देशभर की पावन नदियों में डुबकी लगाने की मान्यता है। छत्तीसगढ़ में भी राजिम के त्रिवेणी संगम और राजधानी के महादेवघाट, खारुन नदी समेत अन्य शहरों में सोंढूर, पैरी, महानदी तट पर डुबकी लगाने श्रद्धालु पहुंचते हैं। इन दिनों कोरोना महामारी के चलते लाकडाउन लगा होने से श्रद्धालु सुरक्षा अपनाते हुए नदियों में स्नान करने की बजाय अपने घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करेंगे।

मन पवित्र हो, आस्था से पुण्य
सुरेश्वर महादेव पीठ के संस्थापक एवं छत्तीसगढ़ संत महासभा के प्रमुख स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती का कहना है कि समय काल, परिस्थिति के अनुसार धार्मिक नियमों का पालन करना चाहिए। शास्त्रों में पवित्र नदियों में स्नान करने का उल्लेख है , लेकिन यदि महामारी फैली हो अथवा नदी का जल प्रदूषित हो चुका हो तो समय काल के अनुरुप अन्य विकल्प अपनाए जाने चाहिए।
चूंकि गंगा नदी को अति पावन माना जाता है, गंगाजल बरसों तक घर में रखने के बावजूद वह खराब नहीं होता और पूजा-पाठ में उसका इस्तेमाल किया जाता है। इस बार सोमवती अमावस्या पर बाल्टी में ही गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान करें। पूजा पाठ के लिए मन में पवित्र भाव और आस्था होनी चाहिए, उसका पुण्य फल अवश्य प्राप्त होता है इसलिए घर पर ही गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें।
इस साल एक मात्र सोमवती अमावस्या
चैत्र अमावस्या को पड़ रही सोमवती अमावस्या की खास बात यह है कि यह साल 2021 की एकमात्र सोमवती अमावस्या है। धर्म शास्त्रों में सोमवती अमावस्या के दिन किए गए दान का विशेष महत्व माना गया है, ऐसी मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन स्नान-दान करने से घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है।

शिव-पार्वती,तुलसी की पूजा करें
इस बार नदी में स्नान संभव नहीं है इसलिए घर पर गंगाजल से स्नान करके शिव-पार्वती और तुलसी पौधे की पूजा करें। सुहागिनें अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखें। यह भी मान्यता है कि पितरों काे तर्पण उनके निमित्त दान करने से पूरे परिवार पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। यदि किसी व्यक्ति के कुंडली में पितृदोष है तो सोमवती अमावस्या का दिन कुंडली के पितृदोष निवारण के लिए उत्तम दिन माना गया है।

Related Articles

Back to top button