ब्रेकिंग
Supreme Court News: चुनाव आयोग के कामकाज और EVM तकनीक की जांच की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई न... Delhi Air Pollution News: प्रदूषण के स्रोतों का लगेगा सटीक पता, दिल्ली में लॉन्च हुई Real-Time Sourc... Jammu and Kashmir Politics: एलजी मनोज सिन्हा से मिले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जल्द शपथ लेंगे नए मं... Samba News: जम्मू-कश्मीर के सांबा में मिला संदिग्ध कबूतर, पैर में कोड रिंग, उर्दू नोट और पाकिस्तानी ... Churu Road Accident: तारानगर रोड पर दर्दनाक सड़क हादसा, कार और ट्रेलर की भिड़ंत में एक ही परिवार के ... Ravi Shankar Prasad PC: रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली की तारीख को लेकर विवाद, बीजेपी ने राहुल गा... Noida News: सेक्टर-125 के कैफे में लगी भीषण आग, गैस रिसाव के चलते चार दुकानें चपेट में आईं Budaun Crime News: शराब के नशे में खूनी संघर्ष, पिता ने कुल्हाड़ी से गला काटकर की बेटे की बेरहमी से ... Gwalior News: नीट की तैयारी कर रही नाबालिग से लिफ्ट के बहाने रेप, वीडियो बनाकर 10 महीने तक किया ब्लै... Rajasthan Cyber Crime: ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर 12 करोड़ की ठगी का खुलासा, मुख्य आरोपी विशाखा...
देश

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मेडिकल सुविधाएं, ऑक्सीजन सप्लाई और वैक्सीनेशन प्रोग्राम पर मांगी जानकारी

नई दिल्ली। देश में बढ़ रहे कोरोना के मामलों को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने अदालत में अपना हलफनामा दाखिल किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार से कोरोना से निपटने के लिए नेशनल प्लान मांगा था, जिस पर आज सुनवाई की गई है। बता दें कि देश में बढ़ते संकट के बीच कोर्ट  ने केंद्र सरकार से वैक्सीन की सप्लाई, ऑक्सीजन की सप्लाई, दवाओं की सप्लाई जैसे तमाम विषयों पर प्लान मांगा था।

अदालत मूकदर्शक नहीं रह सकती- कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोरोना के चलते पैदा हुए राष्ट्रीय संकट के इस समय अदालत मूकदर्शक नहीं रह सकती है। इस सुनवाई का मतलब हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई को रोकना बिल्कुल नहीं है, हाईकोर्ट स्थानीय हालात को बेहतर समझ सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय मुद्दे पर हमारा दखल देना महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार से मेडिकल सुविधाएं, ऑक्सीजन सप्लाई और वैक्सीनेशन प्रोग्राम पर जानकारी मांगी है।

कोर्ट ने कहा- वैक्सीनेशन के दाम पर केंद्र क्या कर रहा है

सुनवाई के दौरान न्यायाधीश एसआर भट्ट ने कहा कि सेना, रेलवे के डॉक्टर्स केंद्र के अंतर्गत आते हैं। ऐसे में क्या इन्हें क्वारनटीन, वैक्सीनेशन और अन्य इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इस पर क्या राष्ट्रीय योजना है? कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है, वैक्सीन के दाम पर केंद्र क्या कर रहा है। अगर ये नेशनल इमरजेंसी नहीं है, तो फिर क्या है? दरअसल, अदालत में सुनवाई के दौरान राजस्थान, बंगाल की ओर से वैक्सीन के अलग-अलग दाम पर आपत्ति जताई गई थी।

स्टरलाइट प्लांट में ऑक्सीजन उत्पादन करने की सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता के स्टरलाइट प्लांट में ऑक्सीजन उत्पादन करने की मंजूरी दे दी है। कोरोना संकट को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ऑक्सीजन उत्पादन करने का आदेश जारी किया है साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एक्सपर्ट कमेटी का गठन भी किया है।  यह कमेटी तय करेगी कि प्लांट के भीतर कितने लोगों की जरूरत है। वेदांता इस प्लांट में मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन करेगा। इसके जरिए फ्री में ऑक्सीजन मिलेगा।

दरअसल, तीन साल से बंद पड़े तमिलनाडु में वेदांता स्टरलाइट प्लांट को खोलने के लिए याचिका लगाई गई थी। वेदांता की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वेदांता स्टारलाइट प्लांट में सिर्फ ऑक्सीजन प्लांट चालू करना चाहते हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह राष्ट्रीय आपदा है

इस मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह राष्ट्रीय आपदा है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच राजनीति कलह नहीं होनी चाहिए। यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता को तूतीकोरिन कॉपर प्लांट में सिर्फ ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने की इजाजत दी है। गौरतलब है कि इस सुनवाई से पहले तमिलनाडु सरकार ने वेदांता के तूतीकोरिन स्थित स्टरलाइट प्लांट को आंशिक तौर पर खोलने की अनुमति दे दी।

बता दें कि कोरोना को लेकर अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस इस रविन्द्र भट की पीठ ने मामले की सुनवाई की। जस्टिस चंद्रचूड़ ने वरिष्ठ वकील साल्वे से पूछा कि आप संयंत्र को कब से शुरू कर सकते हैं। इस पर हरीश साल्वे ने कहा कि 10 दिन के अंदर ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिया जाएगा। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने  भी कोर्ट के सामने केंद्र सरकार का पक्ष रखा।

Related Articles

Back to top button