CWC TIE : एक मैच में 2 फाइनल, दोनों टाई, इंग्लैंड बना विजेता

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 का फाइनल मुकाबला अब तक हुए मुकाबलों में से सबसे धांसू मुकाबला रहा। इंग्लैंड और न्य़ूजीलैंड के बीच का यह मैच एक दम अदभुत, अद्वतीय मैच था। वर्ल्ड कप के खिताब के लिए न्यूज़ीलैंड सभी बाधाओं को पार करती हुई दूसरी बार फाइनल में पहुंची थी वहीं मेजबान टीम इंग्लैंड भी इस खिताब को अपने नाम करने के लिए पूरी तरह तैयार थी। इस मुकाबले का समापन एक बार फिर न्यूजीलैंड के सपने के चूर-चूर होने के साथ हुआ और इंग्लैंड ने पहली बार वर्ल्ड कप विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। दुर्भाग्य एक बार फिर न्यूजीलैंड और खिताब के बीच आ गया और वर्ल्ड कप उनके हाथों में आते-आते रह गया। वर्ष 2015 के वर्ल्डकप के फाइनल में भी न्यूजीलैंड को ऑस्ट्रेलिया से हारकर खिताब से वंचित होना पड़ा था।
इंग्लैंड की जीत और न्यूजीलैंड की हार का ये मुकाबला एक फिल्म में टिकट में 100 फिल्म के मजे जितना था। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए न्यूजीलैंड टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 241 रन बनाए। हैनरी निकोल्स (55)और टॉम लैथम (47) के अलावा कीवी टीम का कोई भी बल्लेबाज अच्छी पारी नहीं खेल सका। इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 242 रन का कमोबेश आसान टारगेट था लेकिन शुरुआत से ही विकेट गंवाने के कारण इंग्लैंड पर दबाव बढ़ता गया। चार विकेट 86 रन के स्कोर पर गिरने के बाद बेन स्टोक्स और जोस बटलर की शतकीय साझेदारी ने इंग्लैंड के फैंस के लिए जीत की उम्मीदें जगा दी थीं लेकिन आखिरकार टीम 50वें ओवर की आखिरी गेंद पर 241 रन बनाकर ही आउट हो गई। फाइनल मैच बराबर स्कोर पर आकर रुक गया था।
दोनों टीमों ने एक दूसरे को इतनी कांटे की टक्कर दी कि अब दोनों टीमों को फाइनल के अंदर एक और फाइनल खेलना था। मैच का फैसला अब सुपर ओवर पर था, सुपर ओवर में इंग्लैंड की ओर से बैटिंग के लिए जोस बटलर और बेन स्टोक्स आए। न्यूजीलैंड के लिए बॉलिंग की शुरुआत ट्रेंट बोल्ट ने की। पहली गेंद में स्टोक्स ने फुल लेंथ गेंद पर 3 रन लिए। दूसरी गेंद में जोस बटलर ने 1 रन लिया। तीसरी गेंद में स्टोक्स ने जोरदार शॉट लगाया और ये जा लगा चौका। चौथी गेंद में एक बार फिर स्टोक्स ने 1 रन लिया। पांचवीं गेंद में बटलर ने 2 रन बनाए। छठी गेंद में जोस बटलर ने फिर एक चौका मार इंग्लैंड के स्कोर को 15 रन में पहुंचा दिया, न्यूजीलैंड को जीत के लिए अब 16 रन की जरूरत थी।
जहां अब तक इंग्लैंड न्यूजीलैंड के स्कोर को चेज़ करती आ रही थी वहीं अब न्यूजीलैंड के चेज़ करने की बारी आ गई थी। जवाब में न्यूजीलैंड के लिए सुपर ओवर में बैटिंग के लिए मार्टिन गप्टिल और जेम्स नीशाम आए। इंग्लैंड के लिए यह ओवर जोफ्रा आर्चर ने फेंका। पहली गेंद आर्चर ने वाइड फेंकी, अब जरूरत 15 रन की थी। पहली गेंद में नीशाम दो रनों के लिए दौड़े। दूसरी गेंद में जेम्स नीशाम ने छक्का जड़ दिया। तीसरी गेंद में जेम्स नीशाम ने दो रन दौड़ लिए अब टीम को जरूरत थी तीन गेंदों पर पांच रनों की। चौथी गेंद में जेम्स नीशाम ने दो रन फिर दौड़े, जरूरत दो गेंदों पर तीन रन की थी। पांचवीं गेंद में नीशाम ने 1 रन लिया और अब एक गेंद पर दो रन की जरूरत। छठी गेंद में गप्टिल ने शॉट खेला, दोनों बल्लेबाजों ने एक रन लिया, दूसरा रन दौड़ने की कोशिश में रन आउट।
इसे इत्तेफाक कहिए, इंग्लैंड कि किस्मत कहिए या फिर न्यूजीलैंड का दुर्भाग्य जो एक बार फिर सुपर ओवर में दोनों टीमों ने बराबर यानी 15-15 रन बनाए। मैच दूसरी बार टाई की लकीर पर आ खड़ा हुआ और अब फैसला दोनो टीमों में किसने ज्यादा बाउंड्री लगाई थी इस बात पर था। फैसला इंग्लैंड के पक्ष में रहा, इस मैच में न्यूजीलैंड की तुलना में बाउंड्री अधिक लगाने के कारण विजेता का ताज इंग्लैंड के नाम पर रहा। वर्ल्डकप की इस खिताबी जीत के बाद मेजबान इंग्लैंड को 40 लाख डॉलर (28 करोड़ रुपए) की पुरस्कार राशि मिली जबकि उपविजेता न्यूजीलैंड टीम को 20 लाख डॉलर (14 करोड़ रुपए) की प्राइज मनी से ही संतोष करना पड़ा। सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों टीमों भारत और ऑस्ट्रेलिया के खाते में 8-8 लाख डॉलर (5.6 करोड़ रुपए) की राशि आई।