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कोरोना संकट में PM मोदी ने जौनपुर के दिनेश बाबुल नाथ उपाध्याय के प्रयास को सराहा

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मासिक रेडियो कार्यक्रम में मन की बात के 77वें संस्करण में देशवासियों से अपने विचारों को साझा किया। इसमें पीएम मोदी ने हाल में आए चक्रवाती तूफान टाक्टे तथा यास के साथ ही कोरोना संक्रमण काल में लगातार परिश्रम करने वाले कोरोना वॉरियर्स के प्रयास को भी सराहा। इनमें से एक जौनपुर के मेडिकल ऑक्सीजन टैंकर चलाने वाले जौनपुर के दिनेश बाबूनाथ उपाध्याय से उन्होंने बातचीत करने के साथ उनकी मेहनत को सलाम किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 17 वर्ष से मेडिकल ऑक्सीजन का टैंकर चलाने वाले जौनपुर के दिनेश बाबूनाथ उपाध्याय से ‘मन की बात’ में संवाद किया। पीएम मोदी ने उनका कुशल क्षेम पूछने के बाद उनके परिवार के लोगों की जानकारी भी ली। उन्होंने इस दौरान दिनेश के बच्चों, पत्नी तथा माता-पिता का हालचाल जाना। दिनेश बाबूनाथ उपाध्याय गांव हसनपुर, पोस्ट जमुआ, जिला जौनपुर के निवासी हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान दिनेश बाबूलाल उपाध्याय ने पीएम मोदी से मन की बात में अपने अनुभव पीएम नरेंद्र मोदी के साथ साझा भी किया। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से यह लड़ाई हम जीतेंगे क्योंंकि दिनेश उपाध्याय जैसे लाखों लोग इस लड़ाई में जुटे हुए हैं।

जौनपुर के हसनपुर जमुआ निवासी बाबूलाल उपाध्याय के पुत्र दिनेश बाबूलाल उपाध्याय चार भाइयों में दूसरे नंबर के हैं। वह मुम्बई के मानगांव में रहते हैं। उनकी पत्नी निर्मला देवी अपने सास-ससुर और बच्चों के साथ गांव में रहती हैं। उनका पुत्र आर्यन उपाध्याय बीकाम कर रहा है। एक बेटी कक्षा 9 व दूसरी बेटी कक्षा सात की छात्रा है। दिनेश उपाध्याय की प्राथमिक शिक्षा गांव के ही प्राथमिक स्कूल में हुई है। इसके साथ ही जनता इंटर कालेज मेहंदी से इन्होंने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। पिता बाबूलाल उपाध्याय ने बताया कि 15 वर्ष से दिनेश मुंबई में रहकर टैंकर चला रहे हैं। आज प्रधानमंत्री से उनके बात करने पर बहुत खुशी हुई। पिता ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनके कार्य की तारीफ की और कहा कि लोगों की मदद में सदैव तत्पर रहिए।

पीएम मोदी का दिनेश उपाध्याय से संवाद

पीएम मोदी ने कहा कि साथियों, जब दूसरी लहर आई तो देश में अचानक से मेडिकल ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई। यह एक बहुत बड़ी चुनौती थी। देश के दूर-दराज के हिस्सों में मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाना वाकई एक बहुत बड़ा काम था। अगर कोई ऑक्सीजन टैंकर तेजी से चलता है, तो जरा सी चूक से बड़े विस्फोट का खतरा हो सकता है। औद्योगिक ऑक्सीजन बनाने वाले कई संयंत्र देश के पूर्वी हिस्सों में स्थित हैं। वहां से देश के अन्य राज्यों में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए काफी समय भी लगता है। इस चुनौती का सामना करने में देश को क्रायोजेनिक टैंकर ड्राइवरों, ऑक्सीजन एक्सप्रेस और वायु सेना के पायलटों ने मदद की। ऐसे कई लोगों ने युद्ध स्तर पर काम किया, जिससे सैकड़ों हजारों लोगों की जान बच गई। मन की बात में आज हमारे साथ जुड़ रहे हैं ऐसे ही एक मित्र  दिनेश बाबूलनाथ उपाध्याय जी, निवासी जौनपुर, उत्तर प्रदेश।

पीएम मोदी- दिनेश जी, नमस्कार

दिनेश उपाध्याय – सर जी प्रणाम।

पीएम मोदी- सबसे पहले तो मैं चाहता हूं कि आप हमें अपने बारे में कुछ जरूर बताएं।

दिनेश – सर, मेरा नाम दिनेश बाबुलनाथ उपाध्याय है। मैं ग्राम हसनपुर, पोस्ट जमुआ, जिला जौनपुर का रहने वाला हूं।

पीएम मोदी – आप यूपी से हो।

दिनेश – हां…हां सर। सर, मेरा एक बेटा है, दो बेटियां हैं। मेरी पत्नी और माता-पिता भी हैं।

पीएम मोदी – और क्या करते हो।

दिनेश – सर, मैं लिक्विड ऑक्सीजन के लिए ऑक्सीजन टैंकर चलाता हूं।

पीएम मोदी – क्या बच्चों पढ़ाई अच्छी चल रही है।

दिनेश – हां, सर। वो पढ़ रहे है। सर दोनों बेटियां और बेटा पढ़ रहा है।

पीएम मोदी- क्या इनकी ऑनलाइन पढ़ाई ठीक चल रही है।

दिनेश – हां, सर, वे अच्छा कर रहे हैं। सर, अभी मेरी बेटियां पढ़ रही हैं, वो भी ऑनलाइन। सर, मैं 15-17 वर्ष से ऑक्सीजन टैंकर चला रहा हूं।

पीएम मोदी- ठीक है, आप 15-17 वर्ष से ऑक्सीजन ले जा रहे हैं। तब आप सिर्फ एक ट्रक ड्राइवर नहीं हैं। एक तरह से आप लाखों लोगों की जान बचाने में लगे जीवन रक्षक हैं।

दिनेश – सर, हमारा काम का तरीका ऐसा ही है। सर, ऑक्सीजन टैंकरों की हमारी कंपनी, आइनॉक्स कंपनी भी हमारा अच्छा ख्याल रखती है। जहां भी हम ऑक्सीजन पहुंचाते हैं, वह हमें बहुत खुशी देती है।

पीएम मोदी – लेकिन, इस कोरोना काल में आपकी जिम्मेदारियां बहुत बढ़ गई हैं।

दिनेश- हां, सर, बहुत बढ़ गया है।

पीएम मोदी- जब आप अपने ट्रक की ड्राइविंग सीट पर होते हैं, तो आपके दिमाग में क्या ख्याल आते हैं। पहले के समय की तुलना में कोई नया अनुभव। बहुत दबाव होना चाहिए। बहुत सारा तनाव। परिवार को लेकर चिंता, कोरोना का माहौल, लोगों का दबाव, मांगें। क्या हो रहा होगा सब।

दिनेश – सर, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारे लिए बस इतना है कि हम अपना फर्ज निभा रहे हैं। अगर समय पर ऑक्सीजन पहुंचाने से किसी को जीवन मिलता है तो यह हमारे लिए बड़े सम्मान की बात है।

पीएम जी – आप बहुत अच्छी तरह से अपनी भावना व्यक्त कर रहे हैं। ठीक है, हमें बताएं आज, इस महामारी के समय में जब लोग आपके काम के महत्व को नोटिस कर रहे हैं, जो शायद उन्हेंं पहले नहीं पता था। क्या इससे आपके और आपके काम को देखने के तरीके में बदलाव आया है।

दिनेश – हां, सर। पहले हम जैसे ऑक्सीजन ड्राइवर कहीं न कहीं जाम में फंस जाते थे। मौजूदा समय में प्रशासन ने हमारी काफी मदद की है। हम जहां भी जाते हैं, हमारे भीतर एक आंतरिक उत्सुकता महसूस होती है। हम कितनी जल्दी पहुंचकर लोगों की जान बचा सकते हैं। किसी को खाना मिले या न मिले या किसी और समस्या का सामना करना पड़ रहा हो। जब हम टैंकर के साथ अस्पताल पहुंचते हैं, तो हम देखते हैं कि अस्पताल में लोग विक्ट्री चिन्ह के साथ हमारी ओर इशारा कर रहे हैं। यह सब ऐसे लोग होता हैं, जिनके परिवार के सदस्य भर्ती हैं।

पीएम मोदी – ठीक है, वे जीत के लिए का संकेत देते हैं

दिनेश – हां सर। कुछ लोग V दिखाते हैं, अन्य अंगूठा ऊपर उठाते हैं। यह हमें बहुत संतुष्टि देता है। इस तरह की सेवा करने का अवसर पाने के लिए हमने जीवन में एक अच्छा काम किया होगा।

पीएम मोदी – आपकी सारी थकान दूर हो रही होगी

दिनेश – हां, सर। थकान दूर हो जाती है, उत्साह वाला काम करने के बाद।

पीएम मोदी – तो क्या आप घर आकर अपने बच्चों को इसके बारे में बताते हैं।

दिनेश – नहीं सर। मेरे बच्चे गांव में रहते हैं। मैं यहां आइनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स में एक ड्राइवर के रूप में हूं। मैं आठ-नौ महीने बाद घर जाता हूं।

पीएम मोदी – तो कभी-कभी आप बच्चों से फोन पर बात कर रहे होंगे।

दिनेश – हां सर,। नियमित तौर पर।

पीएम मोदी – तब उन्हेंं लग रहा होगा कि इन सबके बीच उनके पिता को अपना ख्याल रखना चाहिए।

दिनेश – जी, सर। सब कहते हैं कि पापा काम करो, लेकिन अपनी सुरक्षा के साथ करो। और हम सुरक्षा के साथ काम करते हैं। मानगांव में भी हमारा प्लांट है। आईनॉक्स हमारी बहुत मदद करता है।

पीएम मोदी- ठीक है। दिनेश जी, आपकी बात सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा। और देश को भी पता चलेगा कि लोग कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में कैसे काम कर रहे हैं। नौ महीने से आप अपने बच्चों और परिवार से नहीं मिल रहे हैं, बस यह सुनिश्चित करने के लिए कि लोगों की जान बच जाए। जब देश इसे सुनेगा, तो उसे गर्व होगा कि हम लड़ाई जीतेंगे, क्योंकि दिनेश उपाध्याय जी जैसे लाखों लोग अडिग हैं, कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

दिनेश – सर, एक न एक दिन हम कोरोना को जरूर हरा देंगे।

पीएम मोदी – ठीक दिनेश जी। आपकी भावना ही देश की ताकत है। बहुत धन्यवाद दिनेश जी। और कृपया अपने बच्चों को मेरा आशीर्वाद दें।

दिनेश-  कर लेंगे सर। प्रणाम।

पीएम मोदी – धन्यवाद।

दिनेश – प्रणाम।

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