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सोनभद्र पीड़ितों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया न्याय का भरोसा

लखनऊः उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र हत्याकांड में मारे गये लोगों और उनके परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाते हुए शुव्रवार को कहा कि सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट और पुलिस क्षेत्रधिकारी एवं इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है जबकि 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया है जो अपनी रिपोर्ट दस दिन के भीतर सौंपेगी। सोनभद्र जिले के घोरावल थानाक्षेत्र में बुधवार को विवादित 90 बीघा भूमि पर ग्राम प्रधान और उसके समर्थकों द्वारा कब्जा करने के प्रयास का विरोध करने पर यहां दस लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी जबकि 28 अन्य गंभीर रुप से घायल है। योगी ने राज्य विधानसभा में वक्तव्य दिया, पूर्व में दो गुटों के बीच विवाद और शांतिभंग की आशंका के बावजूद अधिकारियों ने पर्याप्त कदम नहीं उठाये । घोरावल में तैनात रहे एसडीएम, सीओ और इंस्पेक्टर को जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित कर दिया गया है।

बीट सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को भी निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि विध्याचल मंडल मिर्जापुर के मंडलायुक्त और वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक की दो सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गयी है। योगी ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि जिस भूमि विवाद की वजह से यह संघर्ष हुआ, वह 1955 से चला आ रहा है और राजस्व अदालतों में कई मामले लंबित हैं और दोनों ही गुटों ने आपराधिक मामले भी दाखिल किये हैं। पीडित पक्ष के लोग भूमि पर लंबे समय से खेतीबाडी करते आये हैं लेकिन राजस्व रिकार्ड में उनके नाम नहीं दर्ज हैं और आरोपी ट्रैक्टरों में अपने समर्थकों को लेकर विवादित भूमि पर कब्जा करने के लिए पहुंचा, जिसके बाद संघर्ष हुआ । घटना के बारे में उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी यज्ञ दत्त सहित 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है । हत्याकांड में 10 लोगों की जान गयी जबकि 28 अन्य घायल हुए । इन 28 घायलों में से 21 पीडितों के पक्ष के हैं जबकि सात अन्य आरोपी की ओर के हैं।

हमले में इस्तेमाल सिंगल बैरल गन, राइफल, तीन डबल बैरल गन और छह ट्रैक्टर अब तक जब्त किये जा चुके हैं। योगी ने बताया कि भूमि विवाद पर दस दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनायी गयी है, जिसमें प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त विध्याचल भी हैं। समिति राजस्व रिकार्ड की जांच कर विवाद का पता लगाएगी और अपनी सिफारिशें सौंपेगी। उन्होंने बताया कि अपर महानिदेशक से भी जुलाई 2017 से पूर्व सोनभद्र में दोनों पक्षों के बीच दर्ज हुए मामलों की जांच करने को कहा गया है। योगी ने कहा कि जवाबदेही तय की जाएगी और पीडितों को न्याय मिलेगा। हत्याकांड में शामिल लोग बख्शे नहीं जाएंगे। सपा सदस्यों की नारेबाजी के बीच सदन में वक्तव्य के बाद योगी ने बाहर प्रेस कांप्रेंस भी की। रामपुर प्रशासन द्वारा सपा नेता आजम खां को भूमाफिया घोषित किये जाने की खबरों के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार के समय कब्जा संस्कृतिे थी और रामपुर इसका उदाहरण है।

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