ब्रेकिंग
आंध्र प्रदेश: शक के चलते बीटेक छात्रा की निर्मम हत्या, प्रेमी ने सुनसान नहर किनारे दिया वारदात को अं... पूर्णिया के रेणु नगर में दिल दहला देने वाली वारदात, घरेलू विवाद में बैंक मैनेजर ने शिक्षिका पत्नी की... अयोध्या राम मंदिर के CEO पद के लिए आए 5300 आवेदन: संत समाज की मांग— 'रामानंदी परंपरा और मठ-मंदिर की ... राहुल गांधी ने रील्स को बताया '21वीं सदी का नशा', पर संसद परिसर में ही रील्स बनाने में व्यस्त हैं सा... गढ़चिरोली में बड़ा हादसा: आवासीय आश्रम स्कूल में सांप के काटने से 3 छात्राओं की मौत, इलाके में मचा ह... फर्जी डिग्री से बने थे वकील! इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर 12 अधिवक्ताओं पर एफआईआर, कई जिलों में म... झारखंड JPSC परीक्षा विवाद में ED की बड़ी एंट्री: ECIR दर्ज कर शुरू की जांच, 17वें दिन भी छात्रों का ... रांची: JPSC-JSSC धांधली पर छात्रों का नई विधानसभा तक मार्च, बीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर महुआ माजी ... महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई: बीड में 1.94 करोड़ का 1.19 लाख kg मिलावटी खाद्य तेल जब्त, 5 फैक... संबलपुर में 'हर घर तिरंगा' यात्रा की धूम: धर्मेंद्र प्रधान संग सड़क पर उतरे हजारों लोग, देशभक्ति के ...
देश

महाराष्ट्र में धर्मस्थलों को खोलने को लेकर सीएम ठाकरे ने कही ये बात

मुंबईः महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य में सभी धार्मिक स्थल सात अक्टूबर से कोविड-19 प्रोटोकॉल के पालन के साथ खुलेंगे। महामारी की दूसरी लहर के समाप्त होने के संकेत के बीच यह कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यह घोषणा करते हुए लोगों से अपील की कि सुरक्षा में कोताही नहीं करें और महामारी के संभावित तीसरी लहर को देखते हुए कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार अपनाएं।

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में सभी धार्मिक स्थल सात अक्टूबर से खुलेंगे। महाराष्ट्र सरकार ने तीसरी लहर की तैयारी की है लेकिन एहतियात बरतते हुए राज्य सरकार विभिन्न गतिविधियों में छूट दे रही है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं लेकिन कोरोना वायरस का खतरा बना हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 के रोजाना मामलों में भले ही कमी आ रही है लेकिन हर किसी को सावधानी बरतनी चाहिए और कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए।” ठाकरे ने कहा, ‘‘धार्मिक स्थल खुलने जा रहे हैं, लोगों को मास्क लगाने और हैंड सेनेटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। इस तरह के उपायों को सुनिश्चित करने के लिए धर्मस्थलों का प्रबंधन जिम्मेदार होगा।”

Related Articles

Back to top button