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कोरोना मृतकों के स्वजन को राहत राशि देने सीएम भूपेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांगा चार लाख मुआवजा

रायपुर। कोरोना मृतकों के स्वजन को चार लाख मुआवजा देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मुआवजा के रूप में 75:25 का अनुपात है। वर्तमान में 50 हजार रुपये मुआवजा मिल रहा है। केंद्र सरकार अगर चार लाख रुपये मुआवजा देती है, तो राज्य सरकार अपने हिस्से का एक लाख रुपये देने को तैयार है। छत्तीसगढ़ में कोरोना से 13 हजार 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इनको मुआवजा के रूप में 50 हजार रुपये मिल रहे हैं।

प्रधानमंत्री को भेजी चिट्ठी में बघेल ने लिखा है कि केंद्र सरकार गृह मंत्रालय की ओर से 14 मार्च 2020 को जारी अपने पहले आदेश को लागू करे, जिसमें सरकार ने प्रति मृतक चार लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की थी। केंद्र सरकार ने बाद में इस अधिसूचना में संशोधन किया और मुआवजे की राशि को घटकार 50 हजार रुपये कर दिया। संकट के समय में मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की राशि प्रदान करना जरूरी है। हम आपके सहयोग की अपेक्षा करते हैं ताकि संकट की घड़ी में हम नागरिकों के साथ खड़े हो सकें और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने में योगदान दे सकें।

मुख्यमंत्री ने पत्र में संविधान का उल्लेख भी किया और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर 2021 को भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा प्रस्तुत किया, जिसमें कहा कि वह एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष) के माध्यम से कोविड-19 महामारी से प्रभावित लोगों के परिवारों को मुआवजा राशि के रूप में 50 हजार रुपये का भुगतान करेगा।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह तर्क दिया कि चार लाख रुपये मुआवजा देने के बाद केंद्र सरकार के पास कोविड-19 से निपटने के लिए पर्याप्त धन नहीं बचेगा। जबकि सरकार द्वारा लगातार महंगा पेट्रोल, डीजल बेचकर जनता से कर एकत्रित करना जारी है। दूसरी तरफ कार्पोरेट मिलों को लगातार कर में रियायत दी जा रही है। वहीं केंद्र सरकार देश के आम नागरिकों को कोई राहत देने से इन्कार करती है।

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