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ऑलनाइन ट्रोलिंग पर सख्ती, Facebook-Instagram पर महिलाओं की गलत फोटो डालने पर होगी कार्रवाई

नई दिल्ली। ट्वीटर (Twitter) की तरह मेटा (Meta) ने नया टूल पेश किया है, जो खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर है। ट्वीटर के नए टूल के मुताबिक महिलाओं को ऑनलाइन ट्रोलिंग से निपटने के लिए पावरफुल टूल दिया जाएगा, जिसकी मदद से महिला बिना अपनी पहचान उजागर किए ट्रोलर्स की शिकायत कर पाएगी। वही बिना इजाजत सेक्सुअल फोटो को शेयरिंग के खिलाफ फ्लैग रेज कर सकेगी। इस तरह ऑटोमेटिक तरीके से फोटो को हटा दिया जाएगा।

12 भाषाओ में उपलब्ध होगा नया टूल 

जिन महिलाओं को अंग्रेजी नहीं आती है, वो भी अपनी लोकल लैंग्वेज में शिकायत कर पाएंगी। महिलएं फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर स्थानीय भाषाओं में खोज कर समर्थन के संसाधनों की तलाश करने की पेशकश करेगा – जो अधिक परिचित हो सकता है। बता दें कि मेटा ने भारत में अपने महिला सुरक्षा हब का भी विस्तार किया और अब यह 12 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हो गया है।

यह टूल महिलाओं को उन फोटो के आधार पर मामला बनाने की अनुमति देता है जो उन्हें लगता है कि उनकी गोपनीयता का उल्लंघन है, और उनकी सहमति के बिना प्रकाशित किया गया था। एक बार मामला बन जाने के बाद, StopNCII.org यूजर्स की ओर से फ़्लैग की जा रही फोटो के आधार पर बिना नाम उजागर किए हैश, या एक यूनीक डिजिटल पहचान जनरेट करती है।

Meta ने सोशल मीडिया मैटर्स, सेंटर फॉर सोशल रिसर्च और रेड डॉट फाउंडेशन जैसे संगठनों के साथ साझेदारी की है। Meta के मुताबिक उसके ऑनलाइन ट्रोलिंग या फिर उत्पीड़न से जुड़ी प्रत्येक 10,000 में लगभग 15 सामग्री की पहचान की है। इनमें से करीब 60 प्रतिशत सामग्री को ‘सक्रिय रूप से’ हटा दिया गया है। मेटा की ग्लोबल सिक्योरिटी पॉलिसी की निदेशक करुणा नैन ने ऐलान किया कि प्टफॉर्म अब StopNCII.org का एक हिस्सा है – यूके स्थित रिवेंज पोर्न हेल्पलाइन की ओर से चलाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय चैनल है।

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