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लद्दाख में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रि‍क्टर पैमाने पर 4।3 रही तीव्रता

लद्दाख  में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप लद्दाख के कारगिल के निकट सुबह करीब 8 बजे आया और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4।3 मापी गई। भूकंप का केंद्र कारगिल से 151 किलोमीटर उत्तर और उत्तर-पश्चिम में था। भूकंप के झटकों के कारण किसी तरह के नुकसान की फिलहाल कोई खबर नहीं मिली है। भूकंप की निगरानी के लिए सरकार की नोडल एजेंसी ने कहा कि भूकंपीय घटना सुबह करीब 8।35 पर 10 किमी की गहराई पर हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि भूकंप सुबह 8।35 पर आया था। इसके बाद से लोगों में दहशत का माहौल है। जब भूकंप आया तो, लोग अपने घरों से निकलकर खुले स्थान पर आ गए। बता दें कि भूकंप को सीस्मोग्राफ से मापा जाता है। भूकंप का क्षण परिमाण पारंपरिक रूप से मापा जाता है। जब भूकंप 3 रिक्टर की तीव्रता से आता है, तो इसे सामान्य माना जाता है। जबकि 7 रिक्टर की तीव्रता वाला भूकंप गंभीर नुकसान पहुंचाने वाला होता है।

भूकंप से बचाव के लिए जरूरी है कि ऐसे मकान का निर्माण करवाया जाए, जिसकों भूकंप नुकसान ना पहुंचा सके। इसके अलावा, आपदा किट बनाएं- जिनमें रेडियो, मोबाइल, जरूरी कागजात, टार्च, माचिस, चप्पल, मोमबत्ती, कुछ पैसे और जरूरी दवाएं हों। भूकंप आने पर बिजली और गैस तुरंत बंद कर दें। इतना ही नहीं, लिफ्ट का प्रयोग भी बिल्कुल न करें। जब भी झटके महसूस हों, तुरंत खुले स्थान की तरफ भागें और पेड़ तथा बिजली की लाइनों से दूर रहें।

पृथ्वी कई लेयर में बंटी होती है और जमीन के नीचे कई तरह की प्लेट होती है। ये प्लेट्स आपस में फंसी रहती हैं, लेकिन कभी-कभी ये प्लेट्स खिसक जाती है, जिस वजह से भूकंप आता है। कई बार इससे ज्यादा कंपन हो जाता है और इसकी तीव्रता बढ़ जाती है। भारत में धरती के भीतर की परतों में होने वाली भोगौलिक हलचल के आधार पर कुछ जोन तय किए गए हैं और कुछ जगह यह ज्यादा होती है तो कुछ जगह कम। इन संभावनाओं के आधार पर भारत को 5 जोन बांटा गया है, जो बताता है कि भारत में कहां सबसे ज्यादा भूकंप आने का खतरा रहता है।

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