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फ्रांस-बांग्लादेश ने 370 मुद्दे पर दी पाक को सलाह

पेरिस/ढाका: फ्रांस और बांग्लादेश ने अनुच्छेद 370  मुद्दे पर पाकिस्तान को  सलाह देते हुए कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मामला है और दोनों ही पक्षों को राजनीतिक वार्ता से मतभेदों को सुलझाना चाहिए और तनाव बढ़ाने वाला कोई भी कदम उठाने से बचना चाहिए। फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां येव्स ले द्रियां की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान के उनके समकक्ष शाह महमूद कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के भारत के कदम के बाद कश्मीर के हालात पर उनसे मंगलवार को चर्चा की।

फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि द्रियां ने कहा कि इस मामले में फ्रांस का रुख यही रहा है कि यह दो देशों के बीच का मामला है और राजनीतिक वार्ता से इसको सुलझाया जाए ताकि शांति स्थापित हो सके। फ्रांस ने संबंधित पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है। इस महीने की शुरुआत में भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म कर दिया, जिसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया।

बांग्लादेश ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाया जाना भारत का आंतरिक मामला है और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखना सभी देशों की प्राथमिकता होनी चाहिए। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश की यात्रा की थी और प्रधानमंत्री शेख हसीना समेत शीर्ष नेतृत्व से बात की थी जिसके एक दिन बाद मंगलवार को इस मामले पर इस पड़ोसी देश की प्रतिक्रिया आई । बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बांग्लादेश यह मानता है कि अनुच्छेद 370 हटाने का भारत सरकार का फैसला भारत का आंतरिक मामला है।”

उसने कहा कि बांग्लादेश ने हमेशा वकालत की है कि क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखना और विकास करना सभी देशों की प्राथमिकता होनी चाहिए। नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर दिया है और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया है जिसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। नयी दिल्ली ने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला है और इसमें तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है

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