ब्रेकिंग
Bihar Flood Relief: सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दी एक महीने की सैलरी; नितिन नब... Durg News Today: फेसबुक पोस्ट पर बवाल; भिलाई-3 थाने पहुंचे कांग्रेसी, भाजयुमो नेता पर FIR और गिरफ्ता... Agra Mahakumbh Ambikapur: सीएम विष्णु देव साय ने किया 'अग्र महाकुंभ 2026' का शुभारंभ; अग्रवाल समाज क... Balodabazar News: अनियंत्रित होकर पलटी पिकअप, ई-रिक्शा के उड़े परखच्चे; हादसे में 2 की हालत गंभीर Jharkhand News: 'देर है अंधेर नहीं'; रंजय सिंह मर्डर केस के फैसले पर बोलीं पूर्णिमा नीरज सिंह, दोनों... Sardar Patel Jayanti: राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल होगी 'झारखंड जगुआर'; देश देखेगा STF का अनुश... Rozgar Mela Ranchi: 20वें रोजगार मेले में बोले पीएम मोदी— '2047 के विकसित भारत का आधार हैं हमारे युव... MP Scooty Yojana 2026: सीएम मोहन यादव ने सरकारी स्कूलों के 7500 टॉपर्स को बांटी ई-स्कूटी; 1.20 लाख त... Ujjain Politics: उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल को बीजेपी रथ से उतारा; बाबा साहेब प्रतिमा के पास बैठ जताय... Sanctioning Russia and Iran Act: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए कानून से भारत पर मंडराया भार...
देश

मौत आपके बहुत करीब है तैयार रहें; कर्नाटक में सिद्धारमैया सहित 63 लोगों को जान से मारने की मिली धमकी

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, एचडी कुमारस्वामी और लेखक के वीरभद्रप्पा सहित 64 लोगों को जान से मारने की दी गयी धमकी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस इन सभी को सुरक्षा देने पर विचार कर रही है।  सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में कहा गया, ‘‘मौत तुम्हारे आसपास मंडरा रही है, मरने के लिए तैयार हो जाओ। तुम विनाश के रास्ते पर चले हो। तुम मौत के मुहाने पर खड़े हो। तुम्हें तैयार रहना चाहिए। मौत तुम तक अलग-अलग रास्तों से आ सकती है। अपने परिवार वालों को बता दो और अंतिम संस्कार की तैयारी करो।”

यह संदेश कथित रूप से ‘सहिष्णु हिन्दू’ के नाम से इन तक पहुंचा है। कुमारस्वामी ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि इस धमकी को हल्के में न लिया जाए, और कर्नाटक में ‘‘सांप्रदायिक ध्रुवीकरण” को लेकर सरकार की ‘‘चुप्पी” पर सवाल उठाने वाले वीरभद्रप्पा सहित लेखकों को सुरक्षा प्रदान की जाए।

कुमारस्वामी ने कहा कि कन्नड़ लेखक प्रोफेसर एमएम कलबुर्गी की हत्या जैसी घटना दोहराई नहीं जानी चाहिए।  हिजाब मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले के बाद मुस्लिम संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था जिसके जवाब में हि न्दू संगठनों ने मंदिरों में मुस्लिम विक्रेताओं, हलाल मीट और लाउडस्पीकरों पर प्रतिबंध की मांग की है।कांग्रेस और जनता दल (स) सहित विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह सांप्रदायिक द्वेष बढ़ाने में इन संगठनों का साथ दे रही है।

Related Articles

Back to top button