ब्रेकिंग
AIIMS News: एम्स से मोहभंग! आखिर क्यों संस्थान छोड़ रहे हैं दिग्गज डॉक्टर्स? जानें इस्तीफे की 5 बड़ी... PM Modi in Bengaluru: "कांग्रेस सत्ता की भूखी है!" बेंगलुरु में पीएम मोदी का वार— कहा, मौका मिलते ही... Shocking Murder: मासूम भतीजे की कातिल निकली बड़ी मम्मी; जान से मारकर कचरे में छिपाया शव, पुलिस ने कि... Sultanpur Crime: पति गया था बेटे-बहू से मिलने, पीछे से बुजुर्ग पत्नी की बेरहमी से हत्या; सुल्तानपुर ... IPL 2026: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के आगे बेबस हुए गेंदबाज! दिग्गज राशिद खान ने ऐसे किया शिकार, वीडि... Raja Shivaji Box Office Day 9: रितेश देशमुख की 'राजा शिवाजी' ने पकड़ी रफ्तार; दूसरे शनिवार को की जबर... Pakistan Terror Attack: पाकिस्तान में पुलिस स्टेशन पर बड़ा आतंकी हमला; फिदायीन धमाके में 3 पुलिसकर्म... Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को भेजें खास WhatsApp Stickers; जानें स्टेप-बाय-स्टेप खुद का स्टि... Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां; शनि देव हो सकते हैं नाराज, जानें पूजा... Moringa for Skin: मोरिंगा खाना ही नहीं लगाना भी है फायदेमंद; चेहरे पर आएगा जबरदस्त कसाव और नेचुरल ग्...
देश

सरकार प्राइवेट कंपनियों को सौंपेगी UP-MP का ये हाईवे टोल, खरीदारों की लिस्ट में कई बड़े नाम

Monetisation policy: सरकार जल्द ही दो हाईवे टोल को प्राइवेट कंपनियों के हाथों में दे सकती है, जिससे सरकार को करीब 4000 करोड़ रुपये मोनेटाइज करने में मदद मिलेगी.

Govt Monetisation policy: केंद्र सरकार अपनी मुद्रीकरण पॉलिसी (Monetisation policy) के तहत देश के दो नेशनल हाईवे के टोल (Highway toll) को निजी हाथों में सौंपने वाली है. इसके लिए बोलियां भी आने लगी हैं. इन दो टोल के प्राइवेट कंपनियों के पास जाने से सरकार को करीब 4000 करोड़ रुपये मिलेंगे.

इकोनॉमिक टाइम्‍स की एक खबर के मुताबिक, सरकार जल्द ही दो और टोल को प्राइवेट कंपनियों के हाथों में दे सकती है, जिससे सरकार को करीब 4000 करोड़ रुपये मोनेटाइज करने में मदद मिलेगी.

दो हाईवे की होगी नीलामी

इकोनॉमिक टाइम्‍स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि सरकार यूपी और एमपी की दो सड़क संपत्तियों का मुद्रीकरण करने की तैयारी में है. दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) खराब फीडबैक की वजह से अपनी टीओटी 6 और 8 बंडल नीलामियों को रद्द कर चुकी है. इसके बाद अब टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) 9 और 10 की नीलामी की जाएगी. इसके लिए एनएचएआई ने बोलियां भी बुलवाई है.

यूपी और एमपी का टोल

टीओटी 9 में उत्तर प्रदेश में एनएच-30 का 73 किलोमीटर का इलाहाबाद-वाराणसी खंड शामिल है, जबकि टीओटी10 मध्य प्रदेश के ग्वालियर-शिवपुरी (एनएच-03) के 125 किलोमीटर की सड़क शामिल है. आपको बता दें कि बोली लगाने की आखिरी तारीख 28 अप्रैल है.

कितने साल की होगी लीज?

टीओटी 9 का इंडस्ट्री प्राइस लगभग 2,300-2,600 करोड़ रुपये हो सकता है. दोनों संपत्तियों की रियायत अवधि 15 साल होगी. टीओटी मॉडल के तहत नेशनल हाईवे की संपत्तियों पर 15-30 सालों में टोल के संचालन, रखरखाव और संग्रह के अधिकार के लिए प्राइवेट कंपनी सरकार को एकमुश्त भुगतान कर अग्रिम रियायत शुल्क पर लीज पर लेती है.

ये कंपनियां हैं लिस्ट में

सूत्रों के मुताबिक, टोल को खरीदने के लिए अडानी रोड ट्रांसपोर्ट, आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रकाश एस्फाल्टिंग एंड टोल हाईवे (पीएटीएच), डीपी जैन और सेकुरा रोड सहित घरेलू डेवलपर्स इसके लिए बोली लगा सकती हैं, जबकि इंटरनेशनल लेवल पर खरीदारों की लिस्ट में निवेशक सीडीपीक्यू, सीपीपी इन्वेस्टमेंट्स, क्यूब हाईवे, मैक्वेरी और होमग्रोन फंड एनआईआईएफ इस दौड़ में शामिल हो सकते हैं.

Related Articles

Back to top button