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LIC IPO को लेकर RBI के फैसले पर विरोध, बैंक वालों ने जताई ये आपत्ति

LIC IPO Launch: अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ ने कहा कि आरबीआई के फैसले से कोई फायदा नहीं होगा, बल्कि भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिसके 100 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है.

LIC IPO Launch Update: बैंक अधिकारियों के संगठन एआईबीओसी ने एलआईसी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में आवेदन करने के लिए रविवार को एएसबीए सुविधा वाली शाखाएं खोलने के आरबीआई के फैसले पर आपत्ति जताई है. आइये आपको बताते हैं एआईबीओसी ने आरबीआई के फैसले पर क्या कहा है.

एआईबीओसी ने क्या कहा?

अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) ने कहा कि इससे कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि ज्यादातर आवेदन डिजिटल रूप से किए जाते हैं. बैंकों के तेजी से डिजिटलीकरण के साथ ही इस समय ज्यादातर शाखाएं एएसबीए (अवरुद्ध राशि द्वारा समर्थित आवेदन) हैं.

आईपीओ की ऑनलाइन सदस्यता

एआईबीओसी ने एक बयान में कहा कि निवेशकों के बीच आईपीओ की ऑनलाइन सदस्यता के व्यापक उपयोग को देखते हुए, हमारा मानना है कि ज्यादातर शाखाओं को रविवार को भौतिक प्रारूप में एक भी आवेदन नहीं मिलेगा.

फैसले को बताया हास्यास्पद

एआईबीओसी ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सभी बैंक खुले रखने का फैसला हास्यास्पद है और बैंक इस तरह के भारी खर्च को वहन नहीं कर सकते. एआईबीओसी ने कहा कि इससे बैंक अधिकारियों में नाराजगी है. परिसंघ ने कहा कि आरबीआई ने सभी शाखाओं को खुला रखने का फैसला करते समय इसकी वास्तविक आवश्यकता का आकलन नहीं किया है.

इस फैसले से कोई फायदा नहीं

बयान में कहा गया कि इस फैसले से कोई फायदा नहीं होगा, बल्कि भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिसके 100 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है.

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