ब्रेकिंग
Singrauli: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो 100 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा प्रेमी, 4 घंटे तक चला 'शोले'... Chhindwara Fire: छिंदवाड़ा की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, 1 किमी दूर से दिखे धुएं के गुबार; 11 दमकलें... Satna News: हाईकोर्ट से जमानत मिली पर घरवाले नहीं ले जाना चाहते साथ; सतना जेल में अपनों की राह देख र... जबलपुर पहुंचे CM मोहन यादव का बड़ा दावा: 'अगर सुभाष चंद्र बोस के हाथ में होती कांग्रेस की कमान, तो क... Gwalior News: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का पर्दाफाश; मानसिक रूप से कमजोर युवक से शादी कर 2 ल... Mandala Crime: शादीशुदा प्रेमिका के घर पिस्टल लेकर घुसा सनकी आशिक, दुष्कर्म के बाद पुलिस की गाड़ी को... टी20 वर्ल्ड कप से पहले खतरे की घंटी! नागपुर में जीत के बाद भी क्यों डरे हुए हैं भारतीय फैंस? फील्डिं... Gaza Peace Deal: हमास छोड़ेगा हथियार और लड़ेगा चुनाव! अमेरिका के साथ हुई ऐतिहासिक डील, फिलिस्तीन की ...
देश

Post Office की PPF योजना क्या है, कौन इसका लाभ ले सकता है और नियम व शर्तें क्या हैं? सब कुछ जानें

नई दिल्ली अलग-अलग व्यक्ति अपनी समझ के आधार अपनी इच्छा से बचत करने का तरीका चुनते हैं। तमाम तरह की बचत योजनाएं हैं, जिनमें लोग निवेश करते हैं। ऐसी ही एक बचत योजना है, सार्वजनिक भविष्य निधि। पोस्ट ऑफिस में सार्वजनिक भविष्य निधि खाता (पीपीएफ)​​ खोला जा सकता है। इसपर काफी अच्छा ब्याज मिलता है। ऐसे में अगर आप पोस्ट ऑफिस में सार्वजनिक भविष्य निधि खाता खोलना चाहते हैं, आपको जरूरत है कि आपको इसके बारे में विस्तार पता हो। तो चलिए, Post Office की PPF योजना क्या है, कौन इसका लाभ ले सकता है और क्या नियम व शर्तें हैं, इनके बारे में जानते हैं।

PPF योजना क्या है और कौन इसका लाभ ले सकता है?

पीपीएफ यानी सार्वजनिक भविष्य निधि योजना, यह एक बचत योजना है। एक एकल बालिग (जो भारतीय नागरिक हो) और नाबालिग/मांसिक रूप से बीमार व्यक्ति की ओर से अभिभावक, सार्वजनिक भविष्य निधि खाता खोल सकते हैं। पूरे देश में डाकघर या किसी भी बैंक में एक व्यक्ति द्वारा सिर्फ एक ही खाता खोला जा सकता है।

PPF खाते पर कितना ब्याज मिलता है?

पीपीएफ खाते पर 7.1% वार्षिक (चक्रवृद्धि वार्षिक) ब्याज दर मिलती है। ब्याज की गणना कैलेंडर माह के लिए पांचवें दिन की समाप्ति और महीने के अंत के बीच के दौरान खाते की सबसे कम शेष राशि पर की जाती है। हर वित्तीय वर्ष के अंत में ब्याज को खाते में जमा किया जाता है। अर्जित ब्याज आयकर अधिनियम के तहत कर मुक्त होता है।

जमा करने के नियम

एक वित्तीय वर्ष में न्युनत्तम 500 रुपये और अधिकत्तम 1,50,000 रुपये जमा किए जा सकते हैं। इन्हें एक मुस्त या किस्तों में जमा किया जा सकता है। वित्त वर्ष के दौरान कितनी भी संख्या में किस्तों में पैसे जमा किए जा सकते हैं लेकिन जमा किए जाने वाली रकम 50 रुपये के गुणक में होनी चाहिए। जमाकर्ता आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कटौती के पात्र होते हैं।

वहीं, अगर अगर किसी वित्तीय वर्ष में 500 रुपये की न्युनत्तम राशि जमा नहीं की जाती है, तो उक्त पीपीएफ खाता बंद कर दिया जाता है। बंद खातों पर ऋण/निकासी की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है।

Related Articles

Back to top button