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छत्तीसगढ़

हसदेव अरण्य पर बोले बघेल: CM ने कहा- खदान आवंटन तय करती है भारत सरकार, नियम के खिलाफ नहीं होने देंगे काम, आदिवासियों के अधिकारों का रखेंगे ध्यान

रायपुर। हसदेव अरण्य के जंगलों में पिछले एक दशक से जंगल काट कर कोल उत्खन्न किया जा रहा है. इसी इलाके में दो नई खदान खोले जाने की अनुमति मिलने के बाद अब विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. इसी बीच छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि देश को तय करना होगा की उनको बिजली चाहिए कि नहीं चाहिए. यह आवंटन भारत सरकार करती है, राज्य सरकार कोयला मंडल का काम नहीं करती. वन पर्यावरण विभाग भारत सरकार के पास है. हम लोग केवल रिपोर्ट भेजते हैं.

सीएम बघेल ने कहा कि बचत काम उनका है, हमारा बीच का काम है. भैया उधर से अनुमति आए इसको करो नहीं करो तो उधर से बत्ती पड़ती है कि आप यह काम नहीं कर रहे हो तो देश को तय करना पड़ेगा कोयला चाहिए कि नहीं चाहिए. बिजली चाहिए कि नहीं चाहिए.

सीएम बघेल ने कहा कि एक बात है जो हमारे खनिज हैं, उसका दोहन ठीक ढंग से होना चाहिए. मतलब कुछ भी खुदाई हो जाए, कुछ भी पेड़ कटाई हो जाए यह बिल्कुल नहीं होगा. दूसरी बात यह है नियम के विपरीत कोई भी काम नहीं होने देंगे. पूरा वहां के वनवासियों के आदिवासियों के उनके अधिकारों का ध्यान रखा जाएगा.

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