ब्रेकिंग
दलबदल कानून की व्यावहारिक कमजोरी: लोकसभा में लटकीं अयोग्यता याचिकाएं; सुप्रीम कोर्ट के 3 महीने के नि... क्या भारत की राजनीति पलट देगी जेन जी? 38 करोड़ युवा वोटरों को साधने में जुटीं पार्टियां, जानें चुनाव... गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: पैलेट गन और लाठीचार्ज पर तकरार जर्जर स्कूलों पर सरकारों का बड़ा फैसला: राजस्थान में ₹12,500 करोड़ और UP में ₹604 करोड़ का बजट, जेन ... डूंगरपुर: सत्तु देवकी स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, 120 बच्चे थे मौजूद; बंद कमरा होने से टला बड... रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: DRDO की पारंपरिक मिसाइल तकनीक भारतीय उद्योगों को होगी ट्रांसफर मुंबई में ऑटो चालकों की मराठी परीक्षा पर नया विवाद: 'सिलेबस से बाहर के सवाल पूछ रहा RTO', यूनियन ने ... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की स्कूल में हिजाब पहनने की याचिका: फैसले को चुनौती देगा AIMPLB; कोर्ट बो... सिंगरौली में फायर ब्रिगेड के पानी से धोई गई BJP विधायक की गाड़ी: कमिश्नर आवास का वीडियो वायरल, सवालो... कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी टॉफी-चॉकलेट लूटने की मची होड़: वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य व...
व्यापार

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये हुए खाक! जानिए क्यों गिरे बाजार

Market Capitalization: बुधवार को बाजार बंद होने पर बीएसई में लिस्टेड शेयरों का मार्केट कैप 246 लाख करोड़ रुपये था जो गुरुवार को बाजार में भारी बिकवाली के चलते घटकर 241 लाख करोड़ रुपये पर आ गया.

Investors Loss: भारतीय शेयर बाजार ( Indian Stock Market) आज भारी गिरावट के चलते निवेशकों को 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ( Mumbai Stock Exchange) का सूचकांक 1000 अंक से ज्यादा नीचे जा लुढ़का तो निफ्टी 300 अंकों की गिरावट के साथ 16,000 के आंकड़ों के नीचे जा फिसला है. लगातार पांचवे दिन भारतीय बाजारों में गिरावट देखी जा रही है.

शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों की संपत्ति को जबरदस्त नुकसान हुआ है. बीएसई में लिस्टेड स्टॉक्स का मार्केट कैप ( Market Capitalization) भारी गिरावट के बाद 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया. बुधवार को बाजार बंद होने पर बीएसई में लिस्टेड शेयरों का मार्केट कैप 246 लाख करोड़ रुपये था जो गुरुवार को बाजार में भारी बिरवाली के चलते घटकर 241 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है. बीते एक महीने में बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों का मार्कैट कैप करीब 34 लाख करोड़ रुपये कम हो चुका है.

क्यों गिरे भारतीय बाजारग्लोबल संकेत –  दरअसल अमेरिका ( United States) में महंगाई दर ( Inflation Data) के जो आंकड़े आए हैं उसे लेकर बुधवार को अमेरिकी शेयरों बाजारों में बड़ी गिरावट देखी गई थी. अमेरिका के महंगाई दर के आंकड़ों में मामूली गिरावट आई है. महंगाई दर 8.5 फीसदी से घटकर 8.3 फीसदी पर आ गया है. लेकिन बाजार को इससे ज्यादा की महंगाई में कमी की उम्मीद थी. बाजार को डर है अमेरिकी फेड रिजर्व ( Federal Reserve) ब्याज दरों ( Interest Rate) में फिर से बढ़ोतरी कर सकता है. यही वजह है कि ग्लोबल संकेतों के सुबह एशियाई बाजार गिरावट के साथ खुले और इसके असर से भारतीय शेयर बाजार भी अछूता नहीं रहा.

खुदरा महंगाई दर के आंकड़े पर नजर – आज भारत सरकार द्वारा अप्रैल महीने के लिए खुदरा महंगाई दर ( Retail Inflation Data) के आंकड़े जारी किए जायेंगे. माना जा रहा है मार्च के मुकाबले अप्रैल महीने में खुदरा महंगाई दर में और बढ़ोतरी हो सकती है. मार्च में खुदरा महंगाई दर 6.95 फीसदी था. लेकिन अप्रैल में खुदरा महंगाई दर 7.5 फीसदी से ज्यादा रहने का अनुमान जताया जा रहा है. खाद्य वस्तुओं और ईंधन के दामों में उछाल के चलते खुदरा महंगाई दर ज्यादा रह सकता है.

रुपये में गिरावट है जारी- डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट जारी है. गुरुवार को एक डॉलर के मुकाबले रुपये घटकर अपने ऐतिहासिक निचले स्तर 77.59 रुपये तक जा लुढ़का. इससे भी बाजार में बेचैनी है. इसके चलते जहां आयात महंगा होगा. जिसके चलते कंपनियां कीमतें बढ़ा सकती है जिससे घरेलू मांग पर असर पड़ेगा.  वहीं सरकार का वित्तीय घाटा बढ़ सकता है.

Related Articles

Back to top button