ब्रेकिंग
MCB News: घटई की ओदारी नदी में अवैध रेत उत्खनन पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, प्रशासन ने जब्त की पोकले... छत्तीसगढ़ सुशासन तिहार: सीएम साय ने महतारी वंदन योजना का लिया फीडबैक, कोसला में हाई स्कूल भवन का एला... Bastar Weather Update: दंतेवाड़ा और जगदलपुर में आंधी-बारिश से गिरा पारा; बीजापुर में आकाशीय बिजली से... Kawardha Crime News: कवर्धा के जंगल में अर्धबेहोश मिली नाबालिग, शराब पिलाकर दुष्कर्म करने वाले 2 आरो... मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: कुवांरपुर रेंज में फिर दिखा तेंदुआ; 5 मई को बुजुर्ग की जान लेने के बाद ग्... Railway Job Fraud: रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी, CBI ने इंटरनेशनल रेफरी और महिला वेटलिफ्टर को किया ... Kawardha Police Suicide: कवर्धा में लापता हेड कांस्टेबल की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटकी मिली लाश PSPCL Meter Tender Controversy: पंजाब पावरकॉम के 1000 पावर क्वालिटी मीटर टेंडर पर उठे सवाल, CMD से ब... Punjab Weather Alert: पंजाब के 6 जिलों में अगले 20 घंटे भारी! मौसम विभाग का आंधी-तूफान, बारिश और ओला... PSEB Re-evaluation 2026: पंजाब बोर्ड ने जारी किए री-इवैल्यूएशन के नए नियम, 30 मई तक ऑनलाइन आवेदन का ...
देश

वैश्विक स्तर पर अकेले वायु प्रदूषण से 66.7 लाख लोगों की मौत

नई दिल्ली. प्रदूषण और स्वास्थ्य पर लैंसेट आयोग ने कहा कि ग्लोबल हेल्थ पर प्रदूषण का प्रभाव युद्ध, आतंकवाद, मलेरिया, एचआईवी, ट्यूबरक्लोसिस, ड्रग्स और शराब की तुलना में बहुत अधिक है. सामान्य तौर पर, समीक्षा में पाया गया कि वायु प्रदूषण के चलते 6.7 मिलियन लोगों की मौत हुई. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके लिए जलवायु परिवर्तन ज़िम्मेदार है.दुनिया भर में प्रदूषण को लेकर हैरान कर देने वाले आंकड़े सामने आए है. साल 2019 में पूरी दुनिया में अलग-अलग प्रदूषण से 90 लाख लोगों की मौत हुई. साल 2000 के बाद से अब तक इन आंकड़ों में 55 फीसदी का इज़ाफा हुआ है. सबसे ज्यादा 24 लाख मौतें चीन में हुई है. दूसरे नंबर पर भारत है, यहां 22 लाख लोगों की जान गई. जबकि इस लिस्ट में अमेरिका सातवें नंबर पर है. प्रदूषण और स्वास्थ्य को लेकर ये आंकड़े द लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ ने जारी किए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर अकेले वायु प्रदूषण से 66.7 लाख लोगों की मौत हुई. 17 लाख लोगों की जान खतरनाक केमिकल के इस्तेमाल से गई. साल 2019 में भारत में 16.7 लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण से हुई. यानी हिसाब लगाया जाय तो उस साल देश में सभी मौतों का ये 17.8% हिस्सा है.
भारत में वायु प्रदूषण से संबंधित 16.7 लाख मौतों में से अधिकांश – 9.8 लाख – PM2.5 प्रदूषण के कारण हुईं. अन्य 6.1 लाख घरेलू वायु प्रदूषण के कारण हुईं. हालांकि अत्यधिक गरीबी (जैसे इनडोर वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण) से जुड़े प्रदूषण स्रोतों से होने वाली मौतों की संख्या में कमी आई है, लेकिन इन कटौती की भरपाई औद्योगिक प्रदूषण (जैसे परिवेशी वायु प्रदूषण और रासायनिक प्रदूषण) के कारण हुई मौतों में हुई है.
द लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ जर्नल के मुताबिक संयुक्त राज्य अमेरिका कुल प्रदूषण से होने वाली मौतों के लिए टॉप 10 देशों में एकमात्र पूरी तरह से औद्योगिक देश है. यहां साल 2019 में प्रदूषण से 142,883 लोगों की मौत हुई. अमेरिका 7वें स्थान पर है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रदूषण से होने वाली 90% से अधिक मौतें निम्न-आय और मध्यम-आय वाले देशों में होती हैं.

Related Articles

Back to top button