ब्रेकिंग
Nuh Police Action: शादी में हुड़दंगबाजी पड़ी भारी; थार की छत पर स्टंट करने वाले दूल्हे और 4 चालकों पर ... Rohtak Crime News: नेशनल हाइवे-9 पर कार में मिला दिल्ली पुलिस के जवान का शव; पुलिस जांच में जुटी Pepsi Sharma Passes Away: हरियाणवी गायक और कॉमेडियन पेप्सी शर्मा का 38 वर्ष की उम्र में निधन; शोक की... LNJP Hospital Controversy: नाबालिग से दुष्कर्म के समय कहां थीं नर्सें? महिला आयोग की फटकार के बाद स्... Haryana Chief Secretary Appointment: कौन बनेगा हरियाणा का अगला मुख्य सचिव? सुमिता मिश्रा और सुधीर रा... Kaithal News: कैथल में जींद रोड पर मिला व्यक्ति का शव; अधिक नशे के कारण मौत की आशंका Faridabad Crime News: नीमका जेल में बंदी की आत्महत्या; परिजनों ने जेल डिप्टी पर लगाए प्रताड़ना के गं... Haryana Food Safety: मिलावटखोरों की अब खैर नहीं; हरियाणा में खुलेंगी 8 नई फूड टेस्टिंग लैब, मोबाइल ल... Kurukshetra News: महिला आयोग चेयरपर्सन की टिप्पणी पर भड़का नर्सिंग स्टाफ; सिविल अस्पताल में किया प्रद... Haryana Police Transfer: हरियाणा में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल; 37 इंस्पेक्टरों का हुआ तबादला, देखें...
देश

शिवकुमार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जड़ें काफी गहरी : ईडी

नई दिल्लीः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि डी. के. शिवकुमार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जड़ें काफी गहरी हैं।

ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश कुमार कुहर को बताया, ‘‘जमानत के लिए दलील दी गई है कि समाज में उनकी जड़ें गहरी हैं, लेकिन मैं कहूंगा कि इस मामले की जड़ें काफी गहरी हैं।’’ अदालत में कर्नाटक के कांग्रेस नेता शिवकुमार की ओर से दायर जमानत याचिका पर बहस हो रही थी।

इस दौरान एजेंसी ने यह भी कहा कि शिवकुमार ने इस मामले में सहयोग नहीं किया और उन्होंने बुनियादी सवालों के जवाब भी नहीं दिए। ईडी ने अदालत को बताया, ‘‘एक प्रभावशाली और शक्तिशाली व्यक्ति होने के कारण उनकी ओर से जांच में बाधा डालने की पूरी संभावना है।’’

नटराजन ने कहा, ‘‘इस मामले में जमानत देना उपयुक्त नहीं है। यह एक ऐसा मामला है, जिसमें अभियुक्त ने बिना स्रोत के बड़ी संपत्ति हासिल की है। यह व्यक्ति स्रोत का खुलासा नहीं कर रहा है। जब नींव ढह जाती है तो इमारत गिरती ही है।’’

अभियोजन पक्ष के दावों का विरोध करते हुए शिवकुमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘‘यह कैसे संभव है कि आपने आईटी अधिनियम का आरोप लगाया है, जोकि एक नियत अपराध भी नहीं है। क्या वह जमानत के हकदार नहीं हैं? इस मामले में अपराध सिद्ध नहीं हुआ है।’’

सिंघवी ने सवालिया लहजे में कहा, ‘‘महज 20 सक्रिय खाते हैं। फिर 317 खातों का आंकड़ा कहां से आया?’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे 21वां खाता दिखाओ तो मैं चुप होकर बैठ जाऊंगा।’’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button