ब्रेकिंग
राजघराने की गरिमा तार-तार: आखिरी महारानी के अंतिम संस्कार में भिड़े परिजन, श्मशान घाट बना अखाड़ा टॉपर से जलन या सनक? "उसे सम्मान मिला, हमें अपमान..." - मुरादाबाद कांड के आरोपियों का खौफनाक कबूलनामा मुखाग्नि देने चला था बेटा, तभी फोन पर गूंजी मां की आवाज: श्मशान की दहलीज से लौट आई खुशियां खतरनाक हुई दिल्ली की आबोहवा: 22 इलाकों में AQI 400 पार, घरों में कैद होने को मजबूर लोग पूर्व नेवी चीफ को नोटिस क्यों? ERO ने तोड़ी चुप्पी—कहा, जरूरी जानकारी न होने के चलते जारी हुआ ऑटोमेट... सिस्सू ट्रिप का है प्लान? कैंसिल हो सकती है आपकी छुट्टी, प्रशासन ने बाहर के लोगों की एंट्री पर लगाई ... "पाकिस्तान का दोहरा चेहरा! एक तरफ सीमा पर ड्रोन का आतंक, दूसरी ओर अमेरिका के साथ काउंटर-टेरर ड्रिल क... पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सेहत बिगड़ी: दिल्ली AIIMS में कराए गए भर्ती, डॉक्टरों की टीम निगरा... शादी का न्यौता या बर्बादी का संदेश? साइबर ठगों ने निकाला ठगी का नया तरीका, 'वेडिंग कार्ड' भेजकर लगा ... ड्रोन के बाद अब 'गुब्बारा साजिश'! जम्मू-कश्मीर सीमा पर पाकिस्तान की नई चाल, सेना का सर्च ऑपरेशन तेज
विदेश

विदेश मंत्री बोले- PAK ने खड़ी की आतंक की इंडस्ट्री, हम ‘आतंकिस्तान’ से बात नहीं कर सकते

न्यूयॉर्कः विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को एक बार फिर से पाकिस्तान को चेतावनी दी कि जब तक वह आतंकवाद को पोषित और पल्लवित करना बंद नहीं करेगा तब तक उसके साथ द्विपक्षीय वार्ता नहीं हो सकती। न्यूयॉर्क में काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (सीएफआर) कार्यक्रम में पाकिस्तान को दो टूक जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि बातचीत हो या ना हो, ये मुद्दा नहीं है। हर कोई अपने पड़ोसी से बात करना चाहता है, मुद्दा यह है कि हम ऐसे देश से कैसे बात करें जो आतंकवाद का संचालन कर रहा है। जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान ने कश्मीर के लिए आतंक की इंडस्ट्री खड़ी की है, हम आतंकिस्तान से बात नहीं कर सकते।

साथ ही जयशंकर ने कहा कि रात में आतंकवाद और दिन में क्रिकेट, ऐसा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, यहां के लोग क्रिकेट और टेरर एक साथ नहीं स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान में तनाव का मुख्य मुद्दा कश्मीर नहीं 26/11 का मुंबई हमला है। उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छे 370 को केन्द्र सरकार ने हटा दिया जिसके बाद पाकिस्तान के साथ पहले से ही तनावपूर्ण रिश्तों में और तल्खी आ गयी। उसने कश्मीर मुद्दे को विश्व के कई मंचों पर लाने का प्रयास किया लेकिन हमेशा उसे मुंह की ही खानी पड़ी। भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया कि आतंकवाद के रास्ते को छोड़ने तक पड़ोसी देश के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं हो सकती।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button