ब्रेकिंग
क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 15 अगस्त को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किले पर समारोह के दौरान मौसम पर टिकीं निगाहें
देश

दाइची-रैनबैक्सी केस: HC में राधास्वामी सत्संग के प्रमुख का दावा, सिंह बंधुओं का कोई पैसा बकाया नहीं

राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों और उनके परिवार के सदस्यों ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए कहा कि उनके ऊपर आरएचसी होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड का कोई धन बकाया नहीं है। ढिल्लों ने उच्च न्यायालय से कहा कि मालविंदर और शिविंदर सिंह प्रवर्तित आरएचसी होल्डिंग ने यह गलत दावा किया है कि उसका उनके ऊपर धन बकाया है।

उल्लेखनीय है कि जापान की फार्मा कंपनी दाइची सान्क्यो ने रैनबैक्सी लैबोरेटरीज के पूर्व प्रवर्तकों मालविंदर और शिविंदर के खिलाफ 3,500 करोड़ रुपए का मध्यस्थता का मामला जीता था। अदालत ने ढिल्लों को निर्देश दिया था कि वह 3,500 करोड़ रुपए के पंचाट निर्णय के क्रियान्वयन के सिलसिले में आरएचसी होल्डिंग्स प्राइवेट लि.को देय धन अदालत में जमा कराएं। ढिल्लों ने अदालत के इस निर्देश के बाद अपील दायर की है। ढिल्लों ने अदालत से कहा कि आरएचसी होल्डिंग्स का यह दावा गलत है कि उनके ऊपर कंपनी का धन बकाया है।

न्यायमूर्ति जे आर मिधा ने ढिल्लों की याचिका पर आरएचसी होल्डिंग्स, सिंह बंधुओं और दाइची से जवाब मांगा है। अदालत ने सितंबर में अपने गार्निशी आदेश में ढिल्लों परिवार सहित तीसरे पक्ष के 55 लोगों और इकाइयों को अपने ऊपर आरएचसी होल्डिंग्स के बकायों की राशि 30 दिन में दिल्ली उच्च न्यायालय के महापंजीयक के पास जमा कराएं। गार्निशी आदेश से तात्पर्य कर्ज या बकाए की वसूली को तीसरे पक्ष के खिलाफ आदेश से है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button