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मोदी सरकार 2.0 को झटका, अमेरिका ने खत्म किया भारत का तरजीही व्यापार व्यवस्था का दर्जा

वाशिंगटन/ नई दिल्लीः अमेरिका ने भारत को दिए गए तरजीही व्यापार व्यवस्था वाले देश का दर्जा समाप्त कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन द्वारा यह जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ट्रंप के बेहद करीबी और मजबूत रिश्ते के बावजूद अमेरिका ने यह कदम उठाया। ट्रंप के प्रशासन की तरफ से कहा गया कि मार्च में इस पर चर्चा शुरू हो गई थी क्योंकि भारत अपने बाजारों तक अमेरिका को ‘उचित एवं तर्कसंगत पहुंच’ उपलब्ध कराने को लेकर आश्वस्त करने में विफल रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि मार्च में ही तय हो गया था कि अमेरिका भारत के साथ तरजीही व्यापार व्यवस्था खत्म करेगा। हालांकि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल से अमेरिका को बहुत उम्मीदें और आगे दोनों देश मिलकर कैसे काम करते हैं यह जरूरी है।

वहीं भारत ने इस कदम से उसके अमेरिका को होने वाले निर्यात पर कोई ‘खास फर्क’ नहीं पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि अमेरिका, चीन और अन्य देशों पर अनुचित व्यापार पद्धति को अपनाने का आरोप लगाता रहा है। भारत एवं तुर्की से सामान्य तरजीही व्यवस्था (जीएसपी) का दर्जा वापस लिया जाना इन मुद्दों के निराकरण की दिशा में अमेरिका का हालिया प्रयास है। अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने का संकल्प जताने वाले ट्रंप कई बार भारत में लगने वाले ‘ऊंचे आयात शुल्कों’ का जिक्र कर चुके हैं। कांग्रेस की जनवरी में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2017 में भारत इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभार्थी रहा था। उसने आलोच्य वर्ष में अमेरिका को बिना किसी शुल्क के 5.7 अरब के सामान का निर्यात किया।

वहीं तुर्की 1.7 अरब डॉलर के निर्यात के साथ इस मामले में पांचवें स्थान पर रहा था। अमेरिकी सरकार ने अप्रैल, 2018 में भारत के जीएसपी दर्जे की समीक्षा शुरू की थी। यूएसटीआर ने कहा, ”भारत ने कई व्यापारिक बाधाएं लागू की है, जिसका अमेरिका के वाणिज्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। काफी बातचीत के बावजूद भारत जीएसपी की श्रेणी में बने रहने के लिए जरूरी कदम नहीं उठा पाया।

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