ब्रेकिंग
दलबदल कानून की व्यावहारिक कमजोरी: लोकसभा में लटकीं अयोग्यता याचिकाएं; सुप्रीम कोर्ट के 3 महीने के नि... क्या भारत की राजनीति पलट देगी जेन जी? 38 करोड़ युवा वोटरों को साधने में जुटीं पार्टियां, जानें चुनाव... गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: पैलेट गन और लाठीचार्ज पर तकरार जर्जर स्कूलों पर सरकारों का बड़ा फैसला: राजस्थान में ₹12,500 करोड़ और UP में ₹604 करोड़ का बजट, जेन ... डूंगरपुर: सत्तु देवकी स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, 120 बच्चे थे मौजूद; बंद कमरा होने से टला बड... रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: DRDO की पारंपरिक मिसाइल तकनीक भारतीय उद्योगों को होगी ट्रांसफर मुंबई में ऑटो चालकों की मराठी परीक्षा पर नया विवाद: 'सिलेबस से बाहर के सवाल पूछ रहा RTO', यूनियन ने ... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की स्कूल में हिजाब पहनने की याचिका: फैसले को चुनौती देगा AIMPLB; कोर्ट बो... सिंगरौली में फायर ब्रिगेड के पानी से धोई गई BJP विधायक की गाड़ी: कमिश्नर आवास का वीडियो वायरल, सवालो... कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी टॉफी-चॉकलेट लूटने की मची होड़: वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य व...
विदेश

 पाक के विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक का विदेशी मुद्रा भंडार आठ वर्ष के निचले स्तर 5.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इससे देश के सामने चूक का जोखिम भी बढ़ गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में शुक्रवार को यह कहा गया। अर्थव्यवस्था को संभालने के सरकार के प्रयासों के बावजूद देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई है।

एक पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) का विदेशी मुद्रा भंडार 30 दिसंबर 2022 को समाप्त हुए हफ्ते के दौरान घटकर 5.576 अरब डॉलर रह गया जो इसका आठ साल का निचला स्तर है। इस हफ्ते के दौरान बाहरी कर्ज के पुनर्भुगतान के लिए एसबीपी के विदेशी विनिमय भंडार से 24.5 करोड़ डॉलर की निकासी हुई है।

अब पाकिस्तान सरकार के समक्ष चूक का गंभीर खतरा

अब पाकिस्तान सरकार के समक्ष चूक का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ अगली किस्त जारी करने को वार्ता फिर से शुरू करने के अनेक प्रयास भी अब तक विफल रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि जनवरी 2022 में एसबीपी का विदेशी मुद्रा भंडार 16.6 अरब डॉलर था जिसमें 11 अरब डॉलर की गिरावट आई और यह 5.6 अरब डॉलर रह गया। ऐसे में पाकिस्तान सरकार के पास विदेशी कर्ज को चुकता करने के लिए मित्र देशों से और कर्ज लेने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक देश के पास विदेशी मुद्रा को जो भंडार बचा है उससे महज तीन हफ्ते का आयात ही किया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button