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विमान हादसों के बाद बोइंग के प्रमुख डेनिस ने पहली बार की मीडिया से बात

न्यूयॉर्कः विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग के प्रमुख डेनिस मुलेनबर्ग ने बुधवार को कहा कि दुर्घटना का शिकार बने 737-मैक्स विमान से जुड़ी समस्याओं से निपटने को लेकर ‘स्पष्ट तौर पर हमारी ओर से कमी रही’ और कंपनी ने इस मुद्दे पर नियामक को पर्याप्त सूचना नहीं दी थी। इंडोनिशिया और इथोपिया में इस श्रेणी के दो विमानों की दुर्घटना में कुल 346 लोगों की जान गई।

मुलेनबर्ग ने सीबीएस न्यूज चैनल से बाचतीच में संकेत दिया कि फिलहाल मध्य अगस्त तक बोइंग 737-मैक्स विमान सेवा से बाहर रहेंगे। दोनों दुर्घटनाओं के बाद कंपनी के इन विमानों के खड़े हो जाने के बाद यह पहला मौका रहा जब मुलेनबर्ग ने किसी मीडिया चैनल से बात की है। वह अमेरिकी विमानन नियामक फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन को इन विमानों में एक संकेत को ‘निष्क्रिय’ करने की में सूचना देने में एक साल से भी ज्यादा समय तक विफल रहने के मुद्दे पर सीबीएस के एक सवाल पर बोल रहे थे।

कंपनी ने विमान के ‘एंगल ऑफ अटैक’ (दबाव का कोण) के सेंसरों की रीडिंग में अंतर से चालक दल को सूचित करने वाले संकेत को निष्क्रिय किया था। ये सेंसर विमान के डैनों पर सामने से हवा के दबाव का कोण आकलन कर चालक दल को विमान के आसमान में अचानक लम्बवत खड़े हो जाने के जोखिम का संकेत देते हैं। यह सेंसर ‘मैन्युवरिंग कैरेक्टरस्टिक ऑग्मेंटेशन सिस्टम’ (एमसीएएस) यानी विमान की पैतरेबाजी बढ़ाने की प्रणाली को सूचना उपलब्ध कराते हैं। कहा जा रहा है कि इसी प्रणाली के चलते इंडोनेशिया की लायन एयर और इथोपियन एयरलाइन्स के मैक्स विमानों की दुर्घटनाएं हुईं। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने लायन एयर की दुर्घटना के बाद बोइंग के विमानों में उजागर हुई इस समस्या से 13 महीने बाद भी कोई सबक नहीं लिया।

दुर्घटनाओं की शुरुआती जांच के बाद सामने आया कि दोनों विमान दुर्घटनाओं में सेंसर से मिले आंकड़ों को गलत तरीके से पढ़ने से इस प्रणाली ने विमान की नाक को नीचे की तरफ कर दिया और पायलट के विमान को नियंत्रित करने के प्रयास में विफल रहे। लगातार डिजाइन में त्रुटि की बात नकारते रहे मुलेनबर्ग ने माना कि एंगल ऑफ अटैक सेंसर प्रणाली को लगाना एक बड़ी गलती थी। उन्होंने इन दुर्घटनाओं के पीड़ितों के परिवारों से माफी भी मांगी। इसी बीच 737 मैक्स को लेकर विमानन कंपनियों के मुआवजे की मांग पर मुलेनबर्ग ने कहा कि नकदी के साथ वह सर्विस के रूप में कंपनियों को इसका भुगतान करेंगे। उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि इस विमान की वजह से कई कंपनियों के गर्मियों के उड़ान कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं। यह मुश्किल है और दुखद भी। उनके लिए यह ग्राहक आधारित समस्या है जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका मुआवजे का भुगतान विमानों की डिलीवरी समय में बदलाव, प्रशिक्षण और सर्विस में छूट और कुछ मामलों में नकदी के माध्यम से भी किया जाएगा।

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