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पीआके के लोग भारत से मिलने को बेताब 12 दिनों से कर रहे प्रदर्शन 

गिलगित । कंगाल पाकिस्तान में आटा और खाद्य संकट की खबरों के बीच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) गिलगित बाल्टिस्तान फिर से सुर्खियों में है। पाकिस्तान सरकार की भेदभावपूर्ण नीतियों से वहां के रहवासियों में भारी गुस्सा है। पाकिस्तान द्वारा कई दशकों से इस क्षेत्र का शोषण करने के बाद अब यहां के लोग भारत में लद्दाख के साथ इस मिलाने की मांग करते नजर आ रहे हैं। इंटरनेट पर वायरल हो रहे कई वीडियो निवासियों के बीच असंतोष की हद दिखाते हैं।

वीडियो में गिलगित-बाल्टिस्तान में एक विशाल रैली दिखाई गई जिसमें कारगिल सड़क को फिर से खोलने और भारत में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल जिले में साथी बाल्टियों के साथ पुनर्मिलन की मांग उठाई गई। पिछले 12 दिनों से इस क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। निवासियों द्वारा गेहूं और अन्य खाद्य पदार्थों पर सब्सिडी की बहाली लोड-शेडिंग अवैध भूमि पर कब्जा और क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों के शोषण जैसे विभिन्न मुद्दों को उठाया गया है। पाकिस्तान का सैन्य प्रतिष्ठान गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र की भूमि और संसाधनों पर जबरदस्ती का दावा करता रहता है। पाकिस्तान सेना और सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध भी देखा गया है। जमीन का मुद्दा दशकों से बना हुआ है लेकिन 2015 से स्थानीय लोग यह तर्क दे रहे हैं कि जमीन जीबी के लोगों की है क्योंकि यह क्षेत्र पीओके में है।

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