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मध्यप्रदेश

रीढ़ की चोट का दर्द नहीं सह सकी मादा तेंदुआ, इलाज के दौरान भोपाल में मौत

भोपाल। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में गंभीर घायल अवस्था में लाई गई मादा तेंदुआ की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। वन विहार के वन्य प्राणी चिकित्सक डा. अतुल गुप्ता के साथ दो अन्य डाक्टरों ने मादा तेंदुआ का पोस्टमार्टम किया। बताया जा रहा है कि वो रीढ़ में लगी चाेट का दर्द सहन नहीं कर सकी। संभवत: चोट के कारण ही उसकी मौत हुई है। मादा तेंदुआ को चोट कैसे लगी? इस संबंध में अधिकारी जानकारी नहीं दे सके। बता दें कि मादा तेंदुआ बुधवार को मटकुली वन परिक्षेत्र के गश्ती दल को झिरिया गेट के पास घायल अवस्था में मिली थी, जिसके बाद उसे रेस्क्यू किया गया था। परीक्षण करने पर पता चला था कि उसकी स्थिति जंगल में छोड़ने लायक नहीं है। बाद में रेस्क्यू स्क्वॉड एसटीआर ने वन्यप्राणी चिकित्सक डा. गुरुदत्त शर्मा, डा. प्रशांत देशमुख और वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के नेतृत्व में वन विहार भेज दिया था।

अधिकारियों की निगरानी में किया गया अंतिम संस्कार

मादा तेंदुआ का गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद वन विहार में डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर के साथ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के सामने नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार मादा तेंदुए को अकेले रखकर वन्य प्राणी चिकित्सकों द्वारा इसका इलाज किया जा रहा था। लेकिन गहरी चोट होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। डाक्टरों की टीम उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे हुए थी। डिप्टी डायरेक्टर एसके सिन्हा के अनुसार घायल मादा तेंदुआ चलने फिरने में असमर्थ थी। उसका इलाज किया जा रहा था, लेकिन चोट और ज्यादा दर्ज के कारण उसकी मौत हो गई।

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