ब्रेकिंग
सीजेपी कार्यकर्ता के पिता पर हमले के खिलाफ आक्रोश, कॉकरोच जनता पार्टी ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस का हलफनामा, कार्रवाई का किया ... जंतर-मंतर पर छात्रों से पुलिस की बदसलूकी: सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई लेवल कमेटी, CJI बोले- निर्दोष छात... बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: 18 IPS अधिकारियों के तबादले, सीवान एसपी पूरन झा हटे, भारत सोनी बने नए क... उमरिया का वह ऐतिहासिक गांव जहां कभी राजीव गांधी पहुंचे थे, आज 41 साल से सड़क को तरस रहा पंचकेदार कल्पेश्वर महादेव मंदिर में भारी बारिश से तबाही: मलबे से पटा परिसर, हवन कुंड और सुरक्षा दीवा... नालंदा में मिड डे मील में नमक की जगह मिलाया सर्फ: 24 से अधिक स्कूली बच्चों की बिगड़ी तबीयत, मची अफरा... महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: पंढरपुर विकास के लिए विशेष पुनर्वास नीति, जायकवाड़ी फेज-2 को ₹6,47... शिव भक्ति पर शौहर ने दिया तीन तलाक: झारखंड की जमीला खातून बरेली में बनी ज्योति देवी, प्रकाश संग लिए ... लखनऊ के होटल क्रिस्टेलिया में फर्जी विदेश मंत्रालय अफसरों का हाईड्रामा, स्टाफ को बनाया बंधक
मध्यप्रदेश

 स्मार्ट सिटी का सपना अधूरा

भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को स्मार्ट सिटी बनाने की पहल जब से शुरू हुई है, तब से ये बस सपना ही रह गया है। आखिर कब राजधानी पूरी तरह से स्मार्ट होगी। भोपाल अभी तक झुग्गी-झोपडिय़ों से मुक्त नहीं हो पाया है। रिपोट्र्स के मुताबिक सबसे ज्यादा झुग्गी वाले टॉप-10 शहरों में भोपाल का नाम भी शामिल है। स्लम फ्री सिटी करने के पीछे सरकार करोड़ों रूपए खर्च कर चुकी है बावजूद इसके बस्तियों की संख्या कम होने के बजाए बढ़ी है।

सबसे ज्यादा झुग्गी वाले टॉप टेन शहरों में भोपाल
दरअसल राजधानी में झुग्गी-बस्तियों का जाल फैला हुआ है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि स्लम फ्री सिटी बनाने का सपना आखिर कब पूरा होगा। शहर स्मार्ट सिटी कैसे बनेंगे जब हर कोशिश फेल हो रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज़्यादा झुग्गी वाले टॉप टेन शहरों में भोपाल का नाम भी शामिल है। सरकार झुग्गियों को हटाने के लिए लगभग 1400 करोड़ खर्च कर चुकी है, लेकिन इसके बाद भी बस्तियां 3 से बढ़कर 72 हो गई है।

सरकारें झुग्गी मुक्त कराने में रही नाकाम
प्रदेश में भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की। कोई भी सरकार राजधानी भोपाल को झुग्गी से मुक्त नहीं करा पाई है। वर्तमान में पीएम आवास योजना के तहत घर बनाने की कवायद की जा रही है। इधर घर और फ्लैट देने का अभियान धीमा हुआ और वहां झुग्गी बनाने की रफ़्तार बढ़ती चली गई। वहीं सरहदी इलाकों में सबसे जयादा झुग्गियां बस गई है। सरकारी भूमि पर भी तेजी से कब्जों की संख्या बढ़ रही है।

 

Related Articles

Back to top button