ब्रेकिंग
मणिपुर के जंगलों में लगी भीषण आग; वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला, आसमान से बरसाया... "उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो"; राहुल गांधी ने किया समर्थन, बीजेपी और संघ पर साधा तीखा निशाना शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अलंकार अग्निहोत्री; दिल्ली कूच की दी बड़ी चेतावनी, जानें क्या ह... Bihar News: औरंगाबाद में पांच सहेलियों ने उठाया खौफनाक कदम; 4 की जान गई, एक की हालत गंभीर, आत्महत्या... Delhi-UP Weather Update: दिल्ली-यूपी में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट, IMD ने अगले 3 दिनों ... Jalandhar Crime: जालंधर में दिन-दिहाड़े ज्वैलर पर खूनी हमला, दुकान में घुसकर बदमाशों ने मचाया तांडव;... Punjab Road Accident: पंजाब में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराकर कार के उड़े परखच्चे; चालक की मौके पर... नशे का 'ग्लोबल नेटवर्क' ध्वस्त! विदेशों में होनी थी अफीम की सप्लाई, पुलिस ने ऐसे बेनकाब किया अंतरराष... PM मोदी ने डेरा सचखंड बल्लां में टेका मत्था; संत निरंजन दास जी से लिया आशीर्वाद, रविदास जयंती पर बड़... PM मोदी की यात्रा रविदासिया समाज के प्रति सम्मान और विश्वास का संदेश: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल
मध्यप्रदेश

राजधानी में अब 7 जगह से मिलेगी मौसम की जानकारी

भोपाल । भोपाल शहर का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। शहर के अलग-अलग हिस्से में मौसम का मिजाज कई बार अलग-अलग दिखता है। कहीं बारिश तो कहीं सूखा रहता है। कहीं तूफान आ जाता है तो कहीं बूंदाबांदी होने लगती है। अभी तक भोपाल के हर क्षेत्र के मौसम की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती थी। इसीलिए अब पूरे शहर के सात अलग-अलग हिस्सों से मौसम की सटीक जानकारी के लिए मौसम विभाग ने व्यवस्था कर ली है। शहर के नेहरू नगर, नीलबड़ और श्यामला हिल्स में से दो स्थानों पर अगले माह तक ऑटोमैटिक एंड इंटेलिजेंट वेदर सिस्टम लग जाएंगे। इसके बाद सात स्थानों से शहर के मौसम का सटीक पूर्वानुमान मिल सकेगा।मौसम केंद्र ने अरेरा हिल्स और संत हिरदाराम नगर के अलावा नवीबाग, कोलार रोड, बैरसिया में ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम लगे हैं। अब शहर के श्यामला हिल्स, नेहरू नगर और नीलबड़ क्षेत्र में से किन्हीं दो स्थानों पर भी यह सिस्टम लगाया जाएगा। अगले दो माह में यह सिस्टम काम करने लगेगा। इसके बाद इन क्षेत्रों से मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

बिजली गिरने की सूचना भी मिलेगी
मौसम विभाग ने लाइटिनिंग सेंसर यानि वज्रपात और इलेक्ट्रिक फील्ड रिकॉर्डर अर्थात जो बिजली बनती है, उसकी तीव्रता मापने की क्षमता वाली मशीनें भी लगाने जा रहा है। वज्रपात के पूर्वानुमान और ओलावृष्टि के पूर्वानुमान को लेकर आइआइटी पटना और इसरो के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है।

जीपीएस से जुड़ा होता है उपकरण
ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम के तहत टॉवरनुमा स्वचालित उपकरण जीपीएस से जुड़ा होता है। मौसम की जानकारी के लिए इसमें सेंसर लगे हुए होते हंै। तापमान के लिए थर्मिस्टर, आद्र्रता के लिए आईग्रिस्टर और बारिश के लिए टीबीआरजी सेंसर लगे होते हैं। इसके चलते तापमान, बारिश, हवा की गति सहित अन्य जानकारी मिल जाती है। इसमें हर 15 मिनट में वायुमंडल की स्थिति, तापमान और बारिश सहित अन्य जानकारी अपडेट होती है।

Related Articles

Back to top button