ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी गड़बड़ी: वाशिम समेत कई केंद्रों पर हंगामा, छात्रों न... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ...
देश

मांझी ने फिर जहर उगला,  रावण का चरित्र श्रीराम से बड़ा 

पटना । अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने फिर जहर उगला है।  प्रभु श्री राम के बारे में फिर से विवादित बयान देकर मांझी सुर्खियों में हैं। मांझी ने कहा है कि रावण का चरित्र श्रीराम से बड़ा है और रावण राम से अधिक महान था।

मांझी ने कहा कि श्री राम भगवान नहीं बल्कि एक काल्पनिक पात्र हैं। उनके साथ साथ रावण भी रामायण का काल्पनिक पात्र ही है। लेकिन कल्पना के आधार पर जो किताब लिखी गई है, उसमें रावण के साथ न्याय नहीं हुआ। रामायण में रावण को नीचा दिखाया गया और राम को ऊपर रखा गया। अपनी निजी सोच बताकर मांझी ने कहा कि कर्मकांड के मामले में रावण श्री राम से बहुत आगे है।  रावण का चरित्र इस मामले में राम से ऊपर है। मांझी ने कहा कि राम जब-जब किसी परेशानी में होते थे, तब उन्हें अलौकिक शक्तियों की सेवाएं मिलती थी। रावण के साथ ऐसा कुछ नहीं था। उसके लिए कुछ नहीं आता था। रामायण के लेखक ने कल्पना में भी रावण को नीचा दिखाया है।
मांझी से पूछा गया कि ऐसा आप कैसे कह सकते हैं, तब उन्होंने कहा कि यह मेरी व्यक्तिगत समझ है। हम ना राम को मानते हैं न रावण को मानते हैं। कल्पना के आधार पर दोनों के बारे में जो लिखा गया है उसके आधार पर कहते हैं। इससे पहले भी मांझी ने कई बार हिंदू धर्म और श्री राम को लेकर विवादित बयान दिया।  पहले भी मांझी रामायण और श्री राम के अस्तित्व पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने सत्यनारायण पूजा को लेकर भी विवादित बयान देकर कहा था दलित सतनारायण पूजा नहीं कराएं। मांझी ने ब्राह्मणों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की और अपमानित करने वाला बयान दिया। लेकिन, विरोध होता देख उन्होंने संक्रांति के अवसर पर पटना में ब्राह्मण भोज का आयोजन भी किया था।

Related Articles

Back to top button