ब्रेकिंग
Dewas Firecracker Factory Blast: देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में मौतों का आंकड़ा हुआ 6, आरोपियों पर... Delhi Infrastructure: पीएम गतिशक्ति से मजबूत हुई दिल्ली की कनेक्टिविटी, 'इग्जेम्प्लर' श्रेणी में राज... LU Paper Leak Scandal: 'तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है', ऑडियो वायरल होने के बाद असिस्टेंट प्रोफे... Jaunpur News: सपा सांसद प्रिया सरोज की AI जेनरेटेड आपत्तिजनक फोटो वायरल, बीजेपी नेता समेत 2 पर FIR द... Kashmir Terror Hideout: बांदीपोरा में सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन, 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय' ऑपरेशन में आतं... Delhi News: दिल्ली में सरकारी दफ्तरों का समय बदला, सीएम रेखा गुप्ता ने ईंधन बचाने के लिए लागू किए कड... Maharashtra IPS Transfer: महाराष्ट्र में 96 IPS अफसरों के तबादले, '12th Fail' वाले मनोज शर्मा बने मु... Aurangabad News: औरंगाबाद के सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़, टीसी देने के बहाने घर बुलाने का आर... Asansol Violence: आसनसोल में लाउडस्पीकर चेकिंग के दौरान बवाल, पुलिस चौकी पर पथराव और तोड़फोड़ Sabarimala Temple: सबरीमाला मंदिर के कपाट मासिक पूजा के लिए खुले, दर्शन के लिए वर्चुअल बुकिंग अनिवार...
मध्यप्रदेश

नीमच में महामाया भादवा माता के दर्शन करने दूर-दूर से आते हैं भक्त

नीमच ।  नीमच जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर गांव भादवा माता में महामाया भादवा माता का मंदिर स्थित है। यहां देश-प्रदेश से रोग ग्रस्त लोग मंदिर पहुंचते हैं। मान्यता है कि देवी मंदिर परिसर में बने कुंड के पानी से लकवा सहित गंभीर रोग ठीक हो जाते हैं। मंदिर में लगी देवी मां की मूर्ति अतिप्राचीन व चमत्कारी है।

इतिहास

किंवदंती है कि 800 साल पहले रूपा नाम के आदिवासी को देवी ने सपने में दर्शन देकर कहा कि गांव से कुछ दूर जंगल में मूर्ति दबी हुई है। उसे निकालकर स्थापित करो, ताकि वे मानव जाति के कष्टों को मिटा सकें। इसके बाद खुदाई कर देवी की मूर्ति को निकालकर स्थापित किया गया, जिन्हें आज सभी भादवा माता नाम से पूजते हैं। भक्तों द्वारा जब से मंदिर निर्माण कराया गया, तब से आदिवासी समाज द्वारा पूजा की जा रही है।

जमीन से निकली है जल धारा

मालवा की वैष्णो देवी महामाया भादवा माता के बारे में मान्यता है कि मां के दर्शन मात्र से ही बड़े से बड़ा रोग ठीक हो जाता है। इसके अलावा मंदिर परिसर में बने कुंड के पानी से लकवा सहित असाध्य रोग ठीक हो जाते हैं। जब से माता यहां विराजित हुई हैं तभी से बावड़ी भी अस्तित्व में आई है और माता ने खुद ही भक्तों को रोग मुक्त करने के लिए जमीन से जल की धारा निकाली थी।

इन्होने कहा 

मास्टर प्लान के अंतर्गत निर्माण वर्ष में दो बार नवरात्रि मेला लगता है। इस दौरान तीन लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मास्टर प्लान के अंतर्गत निर्माण कार्य चल रहा है। चढ़ावे से विकास कार्य किया जाता है।

-अजय ऐरन, प्रबंधक भादवा माता संस्थान

मुझे पिछले एक वर्ष से लकवे की बीमारी होने से मेरे हाथ-पांव ने काम करना बंद कर दिया था। माता के दरबार में आकर कुंड के पानी से नहाने, पीने एवं भभूति खाने व दर्शन लाभ से स्वास्थ्य लाभ मिला है।

-भागुलाल गुर्जर, भक्त ग्राम मालखेड़ा

Related Articles

Back to top button