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इस फैसले से शेयरों में फिर आई गिरावट, अडानी को लगा एक और झटका

अडानी ग्रुप के शेयरों में पिछले काफी वक्त से हलचल देखने को मिल रही है. अब एक बार फिर से अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट देखी गई है. दरअसल, प्रमुख एक्सचेंज एनएसई और बीएसई ने कहा है कि अडानी ग्रीन एनर्जी को 28 मार्च से लॉन्ग-टर्म अतिरिक्त निगरानी उपाय ढांचे के दूसरे चरण के तहत रखा जाएगा. एक्सचेंजों ने कहा कि अडानी ग्रीन एनर्जी एएसएम ढांचे में बनी रहेगी, लेकिन 28 मार्च से संबंधित उच्च स्तर पर चली जाएगी.

अडानी ग्रुप

यह कदम दो एक्सचेंजों के जरिए ग्रुप की दो फर्मों अडानी टोटल गैस और अडानी ट्रांसमिशन को दीर्घावधि एएसएम ढांचे के दूसरे चरण से शुक्रवार को चरण-1 में ले जाने के करीब आया है. 17 मार्च को दोनों एक्सचेंजों ने अडानी ग्रीन एनर्जी और एनडीटीवी को दीर्घकालिक एएसएम ढांचे के पहले चरण के तहत रखा.

गिरावट में शेयर

वहीं इसके बाद से ही अडानी ग्रुप के शेयरों में और ज्यादा गिरावट देखने को मिली है. इस बीच अडानी समूह की सभी 10 लिस्टेड फर्मों ने 27 मार्च को शेयर बाजार में गिरावट दिखाई और 28 मार्च को दोपहर 12.30 तक भी अडानी ग्रुप के सभी शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. इस बीच कुछ शेयरों में लोअर सर्किट भी लगा.

हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट

बता दें कि इस साल जनवरी में अमेरिका स्थित शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद से अडानी समूह के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है. रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर धोखाधड़ी लेनदेन और शेयर कीमत में हेरफेर सहित कई आरोप लगाए थे. हालांकि अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को झूठ बताते हुए खारिज कर दिया.

 

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