ब्रेकिंग
Ayodhya Ram Mandir Controversy: 'राम मंदिर कर्मचारियों की हो CDR जांच', अखिलेश यादव बोले- 99% लोग BJ... Old Delhi Redevelopment: 'शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम' का बदला नाम, अब 'इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विका... Datia By-Election: दतिया में ASP के दामोदर यादव ने भरा नामांकन, क्षत्रिय समाज ने किया BJP का समर्थन Datia By-Election: नरोत्तम मिश्रा ने उपचुनाव से पहले दिखाई ताकत, सैकड़ों महिलाओं-युवाओं को दिलाई BJP... Chhattisgarh Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 15 इंस्पेक्टर और 1 SI का तबादला, आदेश जार... Rajasthan Oil Production: बाड़मेर में खोदे जाएंगे 1000 नए तेल कुएं, 3 लाख बैरल प्रतिदिन क्रूड ऑयल उत... Yamuna Jal Pariyojana: शेखावाटी के लिए खुशखबरी! सीकर में खुलेंगे 3 नए कार्यालय, 46 पदों को भी मंजूरी Pakistan Water Crisis: पानी के लिए भारत पर आरोप लगाने वाले पाकिस्तान की खुली पोल, खुद की गलती से जल ... Haryana Super 100 Scheme: नायब सरकार ने बढ़ाईं 100 सीटें, 9 जुलाई से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया PM Modi in Melbourne: मेलबर्न में गूंजा 'भारत माता की जय', पीएम मोदी ने किया 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्...
मध्यप्रदेश

उज्‍जैन में है 4 हजार वर्ष पुराना गुमानदेव हनुमान मंदिर, यह है मान्‍यता

 उज्जैन ।    शहर के पीपलीनाका चौराहा के समीप श्री गुमानदेव हनुमान का अतिप्राचीन मंदिर है। मान्यता है करीब चार हजार साल पहले गुजरात के अंगलेश्वर के समीप स्थित जगडिया गांव से भगवान गुमानदेव की यह मूर्ति उज्जैन लाई गई थी। जब से लेकर आज तक यहां भगवान की पूजा अर्चना की जा रही है। यह पहला मंदिर है, जहां भक्तों को अष्टचिरंजीवी के एक साथ दर्शन होते हैं। परिक्रमा पथ पर अष्टचिरंजीवियों की मूर्तियां स्थापित की गई है। पुजारी के अनुसार 6 अप्रैल को भव्य हनुमान जयंती उत्सव मनाया जाएगा। मंदिर के पुजारी पं.चंदन व्यास ने बताया हमारे पूर्वज करीब चार हजार साल पहले गुमानदेव हनुमानजी को गुजरात के जगडिया गांव से आमंत्रित कर उज्जैन लाए थे और यहां स्थापित किया था। तब से लेकर आज तक व्यास परिवार यहां नयमित रूप से भगवान की सेवा पूजा करता आ रहा है। पं.व्यास के अनुसार गुमान का अर्थ है घमंड, अर्थात घमंड का नाश करने वाले देवता गुमानदेव हनुमान है। मान्यता है इस मंदिर में सच्चे मन से मुराद मांगने पर भगवान अवश्य ही भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं। गुमानदेव हनुमान का दर्शन समस्त कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला बताया गया है। इस मंदिर की एक और खास बात यह है कि यहां अष्ट चिरंजीवी विराजित है। करीब 30 साल पहले अष्टचिरंजीवी की अष्टधातु की मूर्तियों को मंदिर के परिक्रमा पथ पर विराजित किया गया है। भगवान गुमानदेव हनुमान की प्रदक्षिणा करते हुए भक्तों को महर्षि अश्वस्थामा, महाराजा बली, महर्षि वेदव्यास, महाराजा विभिषण, महर्षिमार्कण्डेय, भगवान परशुराम व महर्षि कृपा चार्य के दर्शन होते हैं।

महाअभिषेक और जन्म आरती

गुमानदेव हनुमान मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव के तहत बुधवार को सुबह 10.30 बजे भगवान का पंचामृत, फलों के रस तथा औषधियों के जल से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। गुरुवार को सुबह 9 बजे जन्म आरती होगी। दोपहर में हवन तथा रात 8.30 बजे महाआरती के बाद प्रसादी का वितरण होगा।

Related Articles

Back to top button