ब्रेकिंग
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली मेट्रो की खास तैयारी: सुबह 4 बजे से शुरू होंगी ट्रेनें, रक्षा मंत्रालय ने ... भगवान गौतम बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी, 563 ईसा पूर्व रानी मायादेवी ने शाल वृक्ष के नीचे दिया था... महाराष्ट्र राजनीति में हलचल: देर रात वर्षा बंगले पर मिले शिंदे और फडणवीस, रायगढ़ पालक मंत्री और महाम... बागपत में सनसनीखेज डबल मर्डर: 20 दिन से लापता दो दोस्तों के शव मंदिर की धूनी के नीचे दफन मिले, फरार ... भोपाल के बोट क्लब में दिखा अद्भुत नजारा: देश में पहली बार तालाब के बीच बना 'फ्लोटिंग तिरंगा', सीएम म... हरिद्वार में कांवड़ मेले के समापन के बाद महा-सफाई अभियान, घाटों और सड़कों से हटाया जा रहा 7000 मीट्र... राज्यसभा से पास हुआ 'खान और खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन विधेयक 2026', खनिज भूमि पर केंद्रीय नियंत्... पंजाब कांग्रेस में गहराया अंदरूनी संकट, पूर्व सीएम चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के बीच शुरू ह... भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच आयोग ने सौंपी अंतरिम रिपोर्ट, बिहार सरकार का बड़ा फैसला 'हम सरकार को पागल कर देंगे'— रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर ...
देश

कांग्रेस नेताओं के परिवारजनों को भाजपा में शामिल करने की सुनियोजित रणनीति 

चेन्नई । दक्षिण के राज्यों में जो भी कांग्रेस के नेता थे। उनके पुत्र, प्रपौत्र और उनके परिवारजनों को भाजपा में शामिल कराने का काम भाजपा एक अभियान के तहत कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर देश के पहले गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी के प्रपौत्र सीआर केसवन भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। इसके पहले आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री किरण रेड्डी और केरल के कांग्रेस नेता एके एंटोनी के पुत्र अनिल एंटोनी भी भाजपा में शामिल हो गए हैं।
दक्षिण के राज्यों में अपने पैर फैलाने के लिए,भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के उन नेताओं के पुत्र और प्रपौत्र को भाजपा में लेकर आ रही है। जिनकी दक्षिण के राज्य में बहुत साख है। नेता पुत्रों और उनके परिवार जनों के जरिए भारतीय जनता पार्टी दक्षिण के राज्यों में अपना जनाधार बनाने की रणनीति तैयार की है। भाजपा इन दिनों बड़े पैमाने पर कांग्रेस परिवार के नेताओं को खोज- खोज कर ला रही है। जिनके स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन, अथवा स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस से निकट का संबंध रहा है। कांग्रेस नेताओं के बल पर दक्षिण में भाजपा अपने पैर जमाने जा रही है। अब इसमें उसे कितनी सफलता मिलती है। इसका पता समय आने पर लगेगा।

Related Articles

Back to top button