ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...
विदेश

 अफगानिस्तान के सफेद सोने पर चीन की नजर, दिया 10 अरब डॉलर के निवेश का ऑफर 

काबुल । अफगानिस्‍तान में तालिबान राज आने के बाद चीन ने खुलकर खेल करना शुरू कर दिया है। चीन अपने सीपीईसी परियोजना को अफगानिस्‍तान तक ले जाना चाहता है। चीन की नजर अफगानिस्‍तान में पाए जाने वाले अरबों डॉलर के प्राकृतिक संपदा पर है। इसमें लिथियम, सोना, लोहा जैसी मूल्‍यवान धातुएं पाई जाती हैं। अब चीन ने इस पर कब्‍जे की चाल चल दी है। चीन ने तालिबान को लिथियम रिजर्व हासिल करने के लिए 10 अरब डॉलर का ऑफर दिया है। चीन का यह ऑफर तब आया है जब अभी तक किसी भी देश ने तालिबानी सरकार को मान्‍यता नहीं दी है।
चीनी कंपनी गोचिन ने तालिबान के खनन मंत्रालय को यह ऑफर दिया है। गोचिन ने कहा कि वह अफगानिस्‍तान में 10 अरब डॉलर का निवेश करने के लिए तैयार है। तालिबान के खनन और पेट्रोलियम मंत्री शहाबुद्दीन डेलावर ने गोचिन के प्रतिनिधियों से काबुल में मुलाकात की है। तालिबानी मंत्रालय ने कहा कि चीनी निवेश से 1 लाख 20 हजार लोगों को प्रत्‍यक्ष और 10 लाख लोगों को अप्रत्‍यक्ष रूप से नौकरी मिलेगी। गोचिन ने कहा कि निवेश के हिस्‍से के तहत वह सलांग दर्रे को 7 महीने में रिपेयर करेगी।
गोचिन ने कहा कि वह एक और सुरंग खोदेगी। साथ ही अफगानिस्‍तान के अंदर से निकाले गए लिथियम को प्रॉसेस किया जाएगा। तालिबान के सत्‍ता में आने के बाद चीन ने आतंकी गुट के साथ अपने आर्थिक रिश्‍तों का विस्‍तार किया है। चीन की कंपनियां अब अफगानिस्‍तान में निवेश करने का प्रस्‍ताव दे रही हैं। जनवरी 2023 में शिज‍ियांग सेंट्रल एशिया पेट्रोलियम गैस कंपनी ने उत्‍तरी अफगानिस्‍तान में स्थित अबू दराया घाटी से तेल निकालने का सौदा किया था। यह पूरा सौदा 54 करोड़ डॉलर का हुआ था।
रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्‍तान के पास लिथियम का 1 ट्रिल्‍यन डॉलर का अनुमानित भंडार है। चीन की कंपनियां अफगानिस्‍तान के इस सफेद सोने पर अपना कब्‍जा हासिल करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही हैं। तालिबान सरकार को अभी चीन समेत दुनिया के किसी भी देश ने मान्‍यता नहीं दी है।

Related Articles

Back to top button