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हेगड़े के फॉरवर्ड फर्जी WhatsApp मैसेज पर फडणवीस की सफाई, ऐसे पैसा लिया-दिया नहीं जाता

मुंबई: कर्नाटक के भाजपा सांसद अनंत हेगड़े के 40 हजार करोड़ रुपए के फंड वाले बयान पर भाजपा की तरफ से सफाई आई है। भाजपा की तरफ से कहा गया कि हेगड़े को WhatsApp पर एक फॉरवर्ड मैसेज के जरिए गलत जानकारी मिली थी और इसी के आधार पर उन्होंने टिप्पणी कर दी। भाजपा ने कहा कि यह झूठा मैसेज मुंबई में सर्कुलेट किया जा रहा था। वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगड़े के दावों को खारिज करते हुए कहा कि 40,000 करोड़ रुपए की केन्द्रीय निधि को बचाने के लिए मुख्यमंत्री पद की दोबारा शपथ नहीं ली थी। दावों को खारिज करते हुए फडणवीस ने कहा कि ना ही केन्द्र ने किसी कोष की मांग की और ना ही महाराष्ट्र सरकार ने कोई राशि लौटाई।

उन्होंने कहा कि ऐसे एकदम से पैसा लिया और दिया नहीं जाता है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगड़े के दावों को खारिज करते हुए कहा कि 40,000 करोड़ रुपए की केन्द्रीय निधि को बचाने के लिए मुख्यमंत्री पद की दोबारा शपथ नहीं ली थी। दावों को खारिज करते हुए फडणवीस ने कहा कि ना ही केन्द्र ने किसी कोष की मांग की और ना ही महाराष्ट्र सरकार ने कोई राशि लौटाई। फडणवीस ने नागपुर में कहा कि यह बिल्कुल गलत है और मैं इसे पूरी तरह खारिज करता हूं।

बता दें कि हेगड़े ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि महाराष्ट्र में हाल ही में महज 80 घंटों के लिए हमारा आदमी मुख्यमंत्री था लेकिन जल्द ही फडणवीस ने इस्तीफा दे दिया। हमने यह नाटक क्यों किया? क्या हम नहीं जानते थे कि हमारे पास बहुमत नहीं है, वह क्यों मुख्यमंत्री बने? यह आम सवाल है जो हर कोई पूछ रहा है।”

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के नियंत्रण में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि थी। अगर राकांपा, कांग्रेस और शिवसेना सत्ता में आती तो निश्चित तौर पर 40,000 करोड़ रुपए का इस्तेमाल विकास कार्य के लिए नहीं किया जाता और इसका दुरुपयोग किया जाता।” जब हमें पता चला कि तीनों पार्टियां सरकार बना रही हैं तो यह नाटक रचने का फैसला किया गया। इसलिए बंदोबस्त किया गया और फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई जिसके बाद 15 घंटों के भीतर फडणवीस ने पैसे को वही पहुंचा दिया जहां उसे जाना चाहिए था और उसे बचा लिया।

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