ब्रेकिंग
श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी के बाद सामने आई CM भगवंत मान की पहली तस्वीर अमृतसर में ठंड का कहर, रेल गाड़ियों की रफ्तार पर लगी ब्रेक, विजिबिलिटी जीरो GNDU के 50वें कन्वोकेशन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Students को दी डिग्रियां हौजरी फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 3 मंजिला इमारत बनी आग का गोला, लाखों का माल जलकर राख CM Mann का स्पष्टीकरण: श्री अकाल तख्त साहिब को चैलेंज करने की मेरी हिम्मत नहीं Jalandhar West में चोरों का आतंक, सैलून के ताले तोड़कर दिया घटना को अंजाम चंडीगढ़ के मौसम को लेकर Red Alert जारी, ठंड ने तोड़े रिकार्ड Jalandhar Court ने आतिशी Video मामले में दिए सख्त आदेश माघी मेले में बोले सुखबीर बादल, विरोधियों पर बोला हमला चेहरे ढके, हाथों में लोहे की रॉड... Bathinda में चोर गिरोह का आतंक, दहशत में व्यापारी
देश

10 साल के निचले स्तर पर रेलवे की कमाई, पीयूष गोयल ने बताया कहां खर्च हो रहा पैसा

नई दिल्लीः नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रेलवे की कमाई 10 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। रेलवे का परिचालन अनुपात वित्त वर्ष 2017-18 में 98.44 फीसदी पर पहुंच गया है, जिसका मतलब यह है कि रेलवे को 100 रुपए कमाई के लिए 98.44 रुपए खर्च करने पड़े हैं। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने इसके लिए सातवें वेतन आयोग की वजह से सैलरी और पेंशन पर बढ़े खर्च और सामाजिक दायित्वों के बोझ को जिम्मेदार बताया है।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि नई लाइनों के निर्माण और सामाजिक दायित्वों के तहत अलाभकारी इलाकों में भी ट्रेन चलाने में भी इसके फंड का बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है। प्रश्नकाल में पीयूष गोयल ने कहा कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद से रेलवे कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन पर 22 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च हो रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे साफ-सफाई, उपनगरीय ट्रेन चलाने और गेज बदलाव पर भी काफी खर्च कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इन सबका खर्च है और इसका रेलवे पर असर पड़ता है। पीयूष गोयल ने कहा कि जब हम पूरी तस्वीर को देखते हैं, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना और सामाजिक दायित्व के तहत ट्रेनों को चलाने से ऑपरेटिंग रेशियो एक साल में 15 फीसदी नीचे चला जाता है। रेल मंत्री ने कहा कि समय आ गया है कि हम सामाजिक दायित्वों पर खर्च और लाभकारी सेक्टर्स के लिए बजट को अलग करने की संभावना तलाशें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button