ब्रेकिंग
नेपाल में ग्लेशियल झील फटने से बिहार में हाई अलर्ट: गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोले गए, कोसी-सारण तटबं... नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर विनाशकारी बाढ़: नेपाल में खुली तबाही, चीन में आंकड़ों पर रहस्य ₹200 जुर्माने वाले मामले में 12 साल की देरी: मंडी कोर्ट ने पुलिस का चालान किया खारिज, आरोपी बरी कानपुर के नत्थापुरवा गांव में गिरा 4-सीटर ट्विन-इंजन विमान; ट्रेनर सचिन भाटिया और ट्रेनी अभिषेक की म... राहुल गांधी के दबाव में बैकफुट पर मोदी सरकार? कांग्रेस जनता के बीच ले जाएगी ये 5 बड़े मुद्दे, प्रचार... धमतरी: 10 साल से बिस्तर पर जिंदगी काट रहे शशिकांत ने मांगी इच्छामृत्यु; हमले की CBI जांच और इलाज की ... उत्तर प्रदेश सर्किल रेट लिस्ट 2026: 9 साल बाद बदलने जा रहे हैं प्रॉपर्टी के सरकारी रेट, जेवर एयरपोर्... झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर परीक्षा पर रोक से इनकार, सरकार से 2 हफ्... गोरखपुर में पति-पत्नी के झगड़े से 1000 घरों की बिजली गुल: गुस्से में 11 KV हाईटेंशन तार पर फेंके कपड... कोटा में फिर NEET छात्रा ने की खुदकुशी: फ्लैट में फंदे से लटकी मिली खुशबू पटेल, छतरपुर से आकर कर रही...
देश

‘फांसी का प्रावधान बनाओ…वरना गद्दी छोड़कर जाओ’ के नारों से गूंज उठी राजधानी

नई दिल्ली: स्वाति मालीवाल के अनशन को समर्थन देने के लिए राजधानी की युवतियों के साथ ही हर वर्ग के लोगों ने कैंडल मार्च में हिस्सा लिया। लेकिन इस मार्च को आईटीओ के पास ही दिल्ली पुलिस द्वारा रोक लिया गया। जब मार्च में आए लोगों ने पुलिस द्वारा रोके जाने का विरोध किया तो पुलिस ने वाटर कैनेन का भी इस्तेमाल किया। वॉटर कैनेन के इस्तेमाल से कई लड़कियां गिर पड़ीं और बेहोश तक हो गईं।

बता दें कि शनिवार शाम सवा पांच बजे के लगभग राजघाट से पूरे जोर-शोर से कैंडल मार्च शुरू किया गया। जिसमें सैकड़ों युवाओं ने हाथों में ढफली लेकर जमकर नारे लगाए, उन्होंने कहा कि‘फांसी का प्रावधान बनाओ…वरना गद्दी छोड़कर जाओ’, ‘ये वक्त नहीं चुप रहने का, चप्पा-चप्पा बोलेगा’, ‘मुट्ठी तान के ऊंचा बोल…हल्ला बोल-हल्ला बोल। जैसे ही मार्च राजघाट से दिल्ली गेट होते हुए आईटीओ चौराहे से कुछ ही दूरी तक पहुंचा था कि दिल्ली पुलिस द्वारा बेरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। जब पुलिस के रोकने का विरोध युवाओं ने किया तो उन पर वॉटर कैनेन का इस्तेमाल पुलिस द्वारा किया गया। जिसमें प्रेशर के चलते 3 लड़कियां गिरकर बेहोश हो गईं, जबकि 4 से 5 लोग घायल हो गए। इन सभी लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। माहौल बिगड़ते देख युवा भड़क गए और उन्होंने भी पुलिस बेरिके तोडऩे व उस पर चढ़कर प्रदर्शन करने की कोशिश की।
पुलिस महिलाओं से डरती क्यों है: स्वाति मालीवाल

इस पूरे मामले पर स्वाति ने कहा कि महिलाओं से केंद्र की दिल्ली पुलिस इतना डरती है कि उन्नाव पीड़िता को न्याय की मांग को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण कैंडल मार्च पर वॉटर कैनन इस्तेमाल किया जाता है, लड़कियों को मारा जाता है। इनसे रेपिस्ट को फांसी नहीं दी जाती पर महिलाओं पर अत्याचार करने से नहीं चूकते। कैंडल मार्च में भाग ले रहे युवाओं ने पुलिस, सरकार, कानून व्यवस्था व बलात्कारियों के खिलाफ एक पुतला भी बनाया था। जिस पर उनकी एकजूटता दिखाई थी, जिसके चलते बलात्कारी छूट जाते हैं और उन्हें फांसी की सजा नहीं हो पाती।

एनएसयूआई ने कैंडल मार्च निकाला
एनएसयूआई ने उन्नाव रेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए और बलात्कारियों को फांसी दिलवाने के लिए शनिवार को एनएसयूआई कार्यालय से जंतर मंतर तक कैंडल मार्च निकाला। एनएसयूआई के मार्च में सैकड़ों की तादाद मे छात्र मौजूद थे जिन्होंने एक स्वर मे बलात्कारियों को फांसी देने की मांग की। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने कहा कि उन्नाव और हैदराबाद की घटना से पूरे देश मे भय का माहौल है, जिस कारण हमारी मां-बहनें डर के साये मे जी रही हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने मे वर्तमान की भाजपा शासित सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है। अक्षय ने कहा कि देश मे लगातार बढ़ रही बलात्कार की घटनाओं पर प्रधानमंत्री बोलने से बच रहे है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button