ब्रेकिंग
मणिपुर के जंगलों में लगी भीषण आग; वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने मोर्चा संभाला, आसमान से बरसाया... "उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो"; राहुल गांधी ने किया समर्थन, बीजेपी और संघ पर साधा तीखा निशाना शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अलंकार अग्निहोत्री; दिल्ली कूच की दी बड़ी चेतावनी, जानें क्या ह... Bihar News: औरंगाबाद में पांच सहेलियों ने उठाया खौफनाक कदम; 4 की जान गई, एक की हालत गंभीर, आत्महत्या... Delhi-UP Weather Update: दिल्ली-यूपी में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट, IMD ने अगले 3 दिनों ... Jalandhar Crime: जालंधर में दिन-दिहाड़े ज्वैलर पर खूनी हमला, दुकान में घुसकर बदमाशों ने मचाया तांडव;... Punjab Road Accident: पंजाब में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराकर कार के उड़े परखच्चे; चालक की मौके पर... नशे का 'ग्लोबल नेटवर्क' ध्वस्त! विदेशों में होनी थी अफीम की सप्लाई, पुलिस ने ऐसे बेनकाब किया अंतरराष... PM मोदी ने डेरा सचखंड बल्लां में टेका मत्था; संत निरंजन दास जी से लिया आशीर्वाद, रविदास जयंती पर बड़... PM मोदी की यात्रा रविदासिया समाज के प्रति सम्मान और विश्वास का संदेश: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल
धार्मिक

सावन माह में काशी विश्वनाथ को स्पर्श नहीं कर सकेंगे भक्त ये है कारण

हिंदू पंचांग के मुताबिक सावन माह की शुरुआत 4 जुलाई 2023 से हो होने वाली है और इस दौरान शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगती है। विशेषकर 12 ज्योतिर्लिंगों में भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक इस साल अधिक मास होने के कारण सावन मास 59 दिनों का होगा।

शिवालयों में दर्शन की खास तैयारी

इस बार 2 माह का लंबा सावन मास होने के कारण शिवालयों में भक्तों की भीड़ लगी रहेगी और इस कारण शिवालयों में दर्शन की खास व्यवस्था की जा रही है। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर में शिवलिंग के स्पर्श पर रोक लगा दी गई है। भक्त यहां दर्शन के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन को कर सकेंगे लेकिन पास जाकर स्पर्श नहीं कर पाएंगे।

इस कारण प्रशासन ने लगाई रोक

दरअसल सावन का महीना 4 जुलाई से 2 माह के लिए रहेगा। ऐसे में भक्तों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण प्रशासन ने यह सख्त फैसला लिया है। सावन माह में 19 साल बाद खास संयोग बन रहा है।

सोमवार को नहीं होंगे VIP दर्शन

काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने VIP दर्शन को भी सोमवार के स्थान पर किसी और कराने के लिए कहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने में किसी तरह की परेशान न आए। सावन मास में श्रद्धालु सिर्फ गर्भगृह के द्वार पर रखे पात्र से ही जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर सकेंगे। भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में 4 स्क्रीन लगाई जाएगी, जिसमें गर्भगृह का सीधा प्रसारण किया जाएगा।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button