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नागरिकता संशोधन बिल पास होने से पाक को लगी मिर्ची, इमरान ने कहा- ये RSS की साजिश

लोकसभा में सोमवार को देर रात तक चली बहस के बाद हुई वोटिंग में नागरिकता संशोधन बिल “कैब” पास हो गया। विधेयक के पक्ष में 311 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 80 वोट पड़े। इस बिल के पास होते ही देश-विदेश से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई। अनुच्छेद 370 से तिलमिलाए बैठे भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान को भी इस बिल के पास होने पर मिर्ची लगी है। पाकिस्तान ने भारत के नागरिकता संशोधन विधेयक को ‘प्रतिगामी एवं पक्षपातपूर्ण’ बताया और इसे नई दिल्ली का पड़ोसी देशों के मामलों में ‘दखल’ का ‘दुर्भावनापूर्ण इरादा’ बताया।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नागरिकता संशोधन बिल की निंदा करते हुए इसे भारत में रह रहे मुस्लिमों के लिए खतरे की घंटी बताया है। इमरान खान ने अपने ट्वीट में लिखा, “हम भारतीय लोक सभा नागरिकता कानून बिल की कड़ी निंदा करते हैं जो पाक के साथ पूर्व मानवाधिकार कानून और द्विपक्षीय समझौतों के सभी मानदंडों का उल्लंघन करता है। यह फासीवादी मोदी सरकार द्वारा प्रचारित RSS के “हिंदू राष्ट्र” डिजाइन का हिस्सा है”। इमरान ने बिल को RSS की अल्पसंख्यकों के खिलाफ साजिश करार दिया।

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अमेरिकी आयोग ने बिल को बताया बड़ी समस्या
वहीं इस बिल को लेकर भड़के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर संघीय अमेरिकी आयोग (USCIRF) ने नागरिकता संशोधन बिल को ‘‘गलत दिशा में बढ़ाया गया एक खतरनाक कदम” बताया है । अमेरिकी आयोग का मानना है कि यदि यह भारत की संसद में पारित होता है तो भारत के गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। अमेरिकी आयोग (USCIRF) ने कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक बड़ी समस्या बनने वाला है क्योंकि USCIRF लोकसभा में इस बिल के पास होने से बड़े खतरे में है।’USCIRF ने आरोप लगाया कि नागरिकता संशोधन बिल (CAB) आप्रवासियों के लिए नागरिकता प्राप्त करने का रास्ता साफ करता है, हालांकि इसमें मुस्लिम समुदाय का जिक्र नहीं है। ऐसे में इस तरह यह विधेयक नागरिकता के लिए धर्म के आधार पर कानूनी मानदंड निर्धारित करता है।

USCIRF ने अपने बयान में कहा, ‘नागरिकता संशोधन बिल गलत दिशा में बढ़ाया गया एक खतरनाक कदम है। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के बारे में कहा USCIRF ने कहा, ‘हमें यह डर है कि भारत सरकार भारतीय नागरिकता के लिए धार्मिक परीक्षण के हालात पैदा कर रही है, जिससे लाखों मुस्लिमों की नागरिकता पर संकट पैदा हो सकता है.’ अमेरिकी आयोग ने यह भी कहा कि भारत सरकार करीब एक दशक से अधिक समय से USCIRF की सालाना रिपोर्ट्स को नजरअंदाज कर रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया सांसदों और पार्टियों का शुक्रिया
उधर विधेयक पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी ज़ाहिर की और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की तारीफ़ करते हुए कहा कि ये भारत की सदियों पुरानी परम्परा और मानवीय मूल्यों में विश्वास के अनुरूप है। मोदी ने उन सांसदों और पार्टियों का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने इसे पास करने में अपना समर्थन दिया।

ओवैसी ने कहा-आधी रात को किया गया दूसरा बड़ा धोखा
एआईएमआईएम के नेता असद उद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा है कि “आधी रात को एक झटके में, जब पूरी दुनिया सो रही थी, स्वतंत्रता, बराबरी, भाईचारा और इंसाफ़ के बारे में भारत के आदर्श के साथ धोखा किया गया। ” उन्होंने कहा कि यह नोटबंदी के बाद भाजपा द्वारा आधी रात को देशवासियों से किया गया दूसरा बड़ा धोखा है।

बिल को लेकर अमित शाह ने दिए ये तर्क
गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन बिल को लेकर कई तर्क दिए हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं सदन के माध्यम से पूरे देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह विधेयक कहीं से भी असंवैधानिक नहीं है. विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं करता है. अगर इस देश का विभाजन धर्म के आधार पर नहीं होता तो मुझे विधेयक लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती.’

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