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मध्यप्रदेश

जबलपुर में सामने आया लोन पास करवाने फर्जी एग्रीमेंट का मामला रजिस्ट्री करने कोई और पहुंचा तो खुली पोल

जबलपुर। शहपुरा भिटौनी के ढ़ाबा संचालक ने बैंक से लोन पास करवाने के लिए फर्जीवाड़ा किया। एक महिला के साथ मिलकर फर्जी एग्रीमेंट करवाया और इसी के आधार पर बैंक लोन मंजूर हुआ। रजिस्ट्री के वक्त असल क्रेता की जगह दूसरे व्यक्ति को पंजीयन कार्यालय भेज दिया गया। रजिस्ट्री कार्यालय में फर्जी व्यक्ति की पोल खुल गई। जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

यह है मामला

इस मामले में संजीवनी नगर पुलिस ने बताया कि शहपुरा भिटौनी निवासी पंकज सिंह ठाकुर ढ़ाबा संचालक है। उसे रुपयों की जरूरत थी। उसने कई बैंकों और फाइनेंस कंपनियों में लोन की राशि के लिए आवेदन किया, लेकिन लोन नहीं हुआ। इस दौरान उसे पता चला कि दीनदयाल चौक में तिलवारा शास्त्री नगर निवासी निशा पाठक का कार्यालय हैं। निशा लोन पास करवाती है। उसने निशा से संपर्क किया। निशा ने प्रापर्टी डीलिंग का काम करने वाले रवीन्द्र नगर अधारताल निवासी अर्पित दुबे से सम्पर्क किया। जिसके बाद निशा और अर्पित ने षड़यंत्र पूर्वक अधारताल निवासी अनिल केवट के मकान की रजिस्ट्री का फर्जी एग्रीमेन्ट पंकज के नाम पर करवाया। जिसके बाद निशा ने एक निजी लोन कम्पनी से उस एग्रीमेन्ट के जरिए 15 लाख आठ हजार रुपए का लोन पास करवाया।

रजिस्ट्री कार्यालय में पकड़ा फर्जीवाड़ा

लोन की राशि आवंटित किए जाने के लिए लोन कंपनी ने मकान की रजिस्ट्री मांगी, तो निशा ने देवरी पनागर निवासी प्रदीप कोरी को अनिल केवट बनाकर बुधवार को मुख्यालय उप पंजीयन कार्यालय भेजा। प्रदीप जैसे ही अनिल केवट बनकर उप पंजीयक पूजा ठाकुर के सामने पेश हुआ, तो पूजा उसे पहचान गई कि वह अनिल नहीं है। क्योंकि अनिल अक्सर उप पंजीयक कार्यालय जाया करता था। इसलिए पूजा उसे चेहरे से जानती थीं। इस दौरान पूजा, पंकज और अर्पित भी वहां मौजूद थे। उप पंजीयक पूजा ने मामले की जानकारी तत्काल पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची। चारों को पकड़ा, तो चारों ने फर्जीवाड़े की बात स्वीकारी। जिसके बाद पुलिस ने सभी पर धोखाधड़ी और आपराधिक षड़यंत्र की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। मामले में चारों आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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