मोदी सरकार की लोकप्रियता से भयभीत विरोधी दल कर रहे गठबंधन का प्रयास भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा

भोपाल। वैचारिक असमानता वाले, अलग-अलग ध्येय और अलग-अलग एजेंडा को लेकर राजनीति में आए विभिन्न राजनीतिक दल एक बार फिर गठबंधन का प्रयास कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर दल ऐसे हैं, जिन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस के विरोध के साथ की थी, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा की लोकप्रियता से भयभीत होकर ये कांग्रेस का ही हाथ थामने को तैयार हैं। ऐसे दल जो एक-दूसरे के विरोधी और प्रतिद्वंदी रहे हैं, आज गले मिल रहे हैं। इन परस्पर विरोधी दलों का यह गठबंधन पानी और तेल के मेल की तरह बेमेल साबित होगा। यह बात सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
शर्मा ने कहा कि एक छाते के नीचे आने की कोशिश में लगे इन नेताओं का उद्धेश्य किसी भी तरह सत्ता हासिल करना और अपने तथा अपना और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित करना है। इन दलों की कार्यप्रणाली पर अगर नजर डाली जाए, तो इनमें से अधिकांश परिवारवादी और अलोकतांत्रिक हैं। शर्मा ने कहा कि आज अगर ये दल एक दूसरे का हाथ थामने की कोशिश में हैं, तो उसका आशय केवल इन सभी नेताओं को अपनी आने वाली पीढ़ियों की चिंता है। उन्होंने कहा कि गठजोड़ की कोशिश में लगे सभी दल भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं। अगर इन सभी के घोटालों को जोड़ लिया जाए तो लगभग 20 लाख करोड़ के घोटाले इन दलों ने किए हैं।