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मध्यप्रदेश

सावन के तीसरे सोमवार को होगा भगवान ओंकारेश्वर का महाश्रृंगार

 खंडवा । सावन के अधिक मास में तीसरे सोमवार को भगवान ओंकारेश्वर का महाश्रृंगार होगा। ज्योतिर्लिंग के मूलस्वरूप का फूल, मेवे और मिष्ठान से श्रृंगार कर मुकुट धारण करवाया जाएगा।

यह श्रृंगार साल में सिर्फ एक बार होता है। इसके अलावा मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा। सोमवार को परंपरा अनुसार भगवान ओंकारेश्वर और भगवान ममलेश्वर पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण और नौकाविहार करेंगे। रविवार को अवकाश होने से मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ रही।

तीर्थनगरी में सोमवार को सुबह से दर्शन-पूजन उपरांत दोपहर में भोग आरती के बाद भगवान ओंकारेश्वर का महाश्रृंगार होगा। भगवान को दूल्हे की तरह सजाया जाएगा। फूल और भांग-मेवें से श्रृंगार हाेगा।

इस मौके पर भगवान को करीब 501 किलो लड्डू और पेड़े के मिष्ठान का भोग लगाया जाएगा। शाम चार बजे मंदिर से भगवान ओंकारेश्वर पालकी में विराजमान होकर कर कोटीतीर्थ घाट पहुंचेंगे। यहां पंडि‍त राजराजेश्वर दीक्षित के आर्चायरत में भगवान का पूजन व और अभिषेक होगा।

भगवान ममलेश्वर भी गोमुख घाट पर पूजन-अभिषेक हाेगा। इसके बाद भगवान ओंंकारेश्वर नौका विहार कर गोमुख घाट पहुंचेंगे। यहां से दोनों सवारियां पैदल जेपी चौक पहुंचेंगी। यहां भक्तों को दर्शन देने के बाद भगवान वापस मंदिर लौट जाएंगे।

भीड़ को देखते हुए सुबह नौ बजे से भगवान ओंकारेश्वर को सीधे जल और फूल चढ़ाना प्रतिबंधित रहेगा। नाव संचालन और वीआइपी दर्शन पर भी प्रतिबंध रहेगा।

मंदिर ट्रस्ट के पंड़ित आशीष दीक्षित ने बताया कि सावन के अधिक मास में तीसरे सोमवार को साल भर में एक ही बार भगवान का महाश्रृंगार होता है। उन्हे चांदी का मुकुट पहनाया जाता है। इसे लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। इसकी तैयारियां की जा रही है।

,सोमवार को सुबह साढ़े चार बजे से मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खुल जाएगा। मंदिर की फूलों से सजावट रविवार रात में ही हो जाएगी। रविवार को भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शनार्थ श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सोमवार को भी मंदिर और पालकी यात्रा में भीड़ रहेगी।

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