Nirbhaya case: निर्भया के पिता ने कहा- ‘मौत’ से चंद कदम दूर हैं सभी चारों दोषी, वकील ने दिया विवादित बयान

नई दिल्ली। Nirbhaya case : निर्भया के दोषियों को फांसी देने की चर्चा के बीच निर्भया के पिता ने शुक्रवार को कहा है कि सभी दोषी (अक्षय, विनय, मुकेश और पवन) ‘मौत’ से चंद कदम ही दूर हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ से बातचीत के दौरान निर्भया के पिता ने यह भी उम्मीद जताई है कि जल्द ही चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी हो जाएगा।
निर्भया की मां ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख
निर्भया केस के चार दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका के खिलाफ शुक्रवार को निर्भया की मां ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया है। दरअसल, अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर सजा पर राहत की मांग की है।
दोषियों के वकील ने कहा- क्या गारंटी फांसी लगाने से दुष्कर्म के मामले रुक जाएंगे
वहीं, इस मामले में चारों दोषियों के वकील एपी सिंह (AP Singh, Adv for convict in 2012 Delhi assault case) ने आपत्तिजनक बयान दिया है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआइ से बातचीत में कहा कि जब संसद में बैठे सांसद कह रहे हैं कि दुष्कर्म के आरोपितों को गोली मार देनी चाहिए। यह तो संविधान की अवमानना है। क्या आप यह गारंटी दे सकते हैं कि इस तरह करने से दुष्कर्म के मामले थम जाएंगे।
Nirbhaya case :
- निर्भया की मां की याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई, जिन्होंने दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी करने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, ऐसे में इस पर 18 दिसंबर को सुनवाई होगी।
- अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर तीन जजों की बेंच 17 दिसंबर को सुनवाई करेगी। इस पर दोपहर दो बजे खुली अदालत में सुनवाई होगी।
- बता दें कि दोषी अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका दाखिल करने में हुई देरी के लिए माफी की बात भी कही है।
- इससे पहले अक्षय ने याचिका में कहा था कि जब दिल्ली में प्रदूषण से ही लोगों की जान जा रहा है तो फिर फांसी देने की क्या जरूरत है।
- याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रदूषण के चलते दिल्ली गैस चैंबर में तब्दील हो गई है, साथ ही यहां का पानी भी जहरीला हो चुका है। जिससे लोगों की उम्र कम होती जा रही है, ऐसे में फांसी की क्या जरूरत?
यहां पर बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली के वसंत विहार इलाके में चार दोषियों (अक्षय, पवन, विनय और मुकेश) ने निर्भया के साथ दरिंदगी की थी और बाद में इलाज के दौरान निर्भया की मौत हो गई थी। इस मामले में निचली अदालत की फांसी की सजा को दिल्ली हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।