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मध्यप्रदेश

सजा का पता चलते ही फरार हुआ दंगाई पुलिस गिरफ्त में आया पुलिस पर किया था पथराव

खंडवा। सात साल की सजा सुनते ही फरार हुआ दंगाई इमरान आठ माह बाद कोतवाली पुलिस के हाथ लगा है।

पकड़ने के लिए पुलिसकर्मियों ने लगाई दौड़

इमरान को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मियों काे दौड़ लगाना पड़ी। दो प्रधान आरक्षक और एक आरक्षक ने 500 मीटर दौड़कर इमरान को दबोच लिया। उस पर दो हजार रुपये का इनाम रखा गया था। इमरान पर कोतवाली थाने में आठ केस दर्ज हैं। इसमें से पांच दंगा कर मारपीट करने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के हैं।

20 दिसंबर 2022 को द‍िया था कोर्ट ने फैसला

घासपुरा क्षेत्र में एक अगस्त 2014 पुलिसकर्मियों पर पथराव कर हमला करने के मामले में 20 दिसंबर 2022 को कोर्ट ने फैसला दिया था। इस मामले के 39 आरोपितों को सात साल की सजा दी गई। इस फैसले के बारे में पता चलते ही इमरान कोर्ट में पेश होने की बजाए फरार हो गया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई थी।

पुलिस से छिपकर घर आ रहा था आरोपित

बताया जाता है कि इस बीच वह पुलिस से नजर बचाकर घर आ रहा था। इस बारे में पता चलने के बाद भी पुलिसकर्मी इमरान के घर पर नजर रख रहे थे। गुरुवार को सुबह प्रधान आरक्षक लतेश पाल सिंह तोमर, अमित यादव और अरविंद तोमर को सूचना मिली कि इमरान घर आया हुआ है।

पुलिस देख बाइक छोड़कर भागा

इसके बाद वे उसे पकड़ने घर पहुंचे, लेकिन तब तक इमरान छोटी आबना नदी के पास पहुंच गया था। यहां बाइक पर वह बैठा हुआ था। तभी प्रधान आरक्षक लतेश, अमित और आरक्षक अरविंद अपनी बाइक रोककर उसे पकड़ने दौड़े। उन्हें आता देख इमरान बाइक छोड़कर भागने लगा।

पांच सौ मीटर दौड़कर पकड़ लिया

करीब पांच सौ मीटर दौड़कर तीनों पुलिसकर्मियों ने इमरान को पकड़ लिया। उसे गिरफ्तार कर थाने लाया गया। कोतवाली टीआइ बलराम सिंह राठौर ने बताया कि इमरान हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। इमरान को गिरफ्तार कर जिला न्यायालय पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

दंगाई इमरान पर करीब आठ केस दर्ज

काेतवाली पुलिस ने इमरान का आपराधिक रिकार्ड निकाला है। काेतवाली थाने में उस पर बलवे कर मारपीट करने की धारा में पांच केस दर्ज है। शेष तीन केस उस पर अन्य धाराओं के हैं। इसके साथ ही पदमनगर और मोघट थाना से भी इमरान के बारे में जानकारी ली है।

30 जुलाई 2014 को हुई थी हत्‍या

विदित हो शहर के मोघट थाना क्षेत्र में 30 जुलाई 2014 को इमलीपुरा मार्ग में सुशील कुमार पुंडगे की हत्या की गई थी। शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। एक अगस्त 2014 को दोपहर करीब एक बजे पुलिसकर्मी बांग्लादेश घासपुरा पहुंचे थे। आरोपितों ने पुलिसकर्मियों का विरोध कर लाठी, डंडे, कुल्हाड़ी और पत्थर से हमला कर दिया था।

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