ब्रेकिंग
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर शिव पूजा में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, पुण्य की जगह लग सकता ... वैलेंटाइन डे स्किन केयर: चेहरे पर आएगा चांद जैसा ग्लो, आजमाएं ये आसान घरेलू फेस पैक; हर कोई पूछेगा ख... RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान: बोले- अवैध प्रवासियों को रोकना सरकार की जिम्मेदारी, जनसांख्यिकीय... Lonavala Tragedy: लोनावाला की 400 फीट गहरी खाई में मिली नवी मुंबई की लॉ छात्रा की लाश, ट्रैकिंग के द... Mamata vs Centre: दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं? ममता बनर्जी ने बंगाल से बुलाई स्पेशल फोर्स, दिल्ली में... नोएडा मर्डर: दहेज में फ्लैट नहीं मिला तो हैवान बना पति, गर्भवती पत्नी की गला घोंटकर हत्या; ससुराल वा... Mira Bhayandar Mayor Election 2026: डिंपल मेहता या रुबीना खातून? मीरा भाईंदर के मेयर पद के लिए कांटे... Ranchi Suicide Case: एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने क्यों दी जान देने की कोशिश? बेटे की मौत के बाद म... UP RTE Admission 2026-27: यूपी के प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन शुरू, आज ही करें ऑनलाइन आवेदन; जा... खूनी इश्क! पूर्व प्रेमी के साथ संबंध बना रही थी युवती, अचानक पहुंचे नए बॉयफ्रेंड ने शुरू किया खूनी ख...
देश

‘दिल्ली में बाइक और स्कूटर से होता है 24% प्रदूषण’

नई दिल्लीः दिल्ली में 24 प्रतिशत प्रदूषण सिर्फ बाइक और स्कूटर की वजह से है, यह दावा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली सफर ने किया है। सफर ने अपनी स्टडी में बताया कि दिल्ली में 41 प्रतिशत प्रदूषण की वजह यहां के ट्रांसपोर्ट यानी गाड़ियां हैं। सफर की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें भी बाइक की वजह से 14 प्रतिशत और स्कूटरों की वजह से 10 प्रतिशत प्रदूषण है। इसके अलावा ट्रक और बसों की वजह से भी 20-20 प्रतिशत प्रदूषण हुआ है। साथ ही ऑटो और कारें भी दिल्ली को काफी प्रदूषित कर रही हैं। सफर के प्रॉजेक्ट डायरेक्टर गुफरान बेग के अनुसार स्कूटर और बाइक की वजह से ज्यादा प्रदूषण की वजह इनका कम मेंटनेंस होना है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से ट्रकों को लेकर बंदिशें लगाई गई हैं, ऐसा ही इस सेग्मेंट में भी किया जाना चाहिए। गुफरान बेग ने कहा कि बाइक-स्कूटर पेट्रोल से दौड़ते हैं तो उनसे कम प्रदूषण होता है। इसी स्टडी में यह भी बताया गया कि 2015 के बाद से राजधानी में सालाना पीएम 2.5 की संख्या कम हो रही है। 2010 में पीएम 2.5 का औसत 111 रहा था, जो 2018 में 101 रहा है, जबकि 2019 में यह नवंबर तक 92 रहा है। वैसे इसे 40 तक होना चाहिए, लेकिन अभी भी यह दोगुना ही है।

सिर्फ 84 दिन ही मिल रही साफ हवा
सफर की स्टडी के मुताबिक पूरे साल में दिल्ली को महज 23 प्रतिशत दिन (लगभग 84 दिन) ही सामान्य स्तर की हवा मिलती है। 38 प्रतिशत दिन बेहद खराब और 1 प्रतिशत दिन गंभीर स्तर की हवा मिलती है। स्टडी के मुताबिक सर्दियों में दिल्लीवासियों को सिर्फ 4 प्रतिशत दिन ही साफ हवा मिल पाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button